नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) उत्तर और पूर्वी भारत में रविवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से सबसे ज्यादा 12 मौतें अकेले जम्मू-कश्मीर में हुईं जो मानसून के प्रकोप से सबसे अधिक प्रभावित रहा।
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ आने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य लोग लापता हैं। इसके बाद कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राष्ट्रीय राजधानी का अपना दौरान बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का फैसला किया।
पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील से सबसे अधिक तबाही की सूचना है, जहां सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल लापता लोगों की तलाश के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शाम को पुंछ के सुरनकोट इलाके में एक और शव बरामद होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई, जबकि राजौरी जिले में अचानक आई बाढ़ में एक महिला सहित दो लोगों की जान चली गई।
इसके अलावा, मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बारिश का अनुमान जताए जाने के बाद प्राधिकारियों ने पहलगाम और बालटाल मार्गों से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी।
अधिकारियों ने कश्मीर क्षेत्र में बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी आधार शिविरों तथा जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं की आगे की यात्रा पर रोक लगा दी।
बारिश रविवार तड़के शुरू हुई और कश्मीर के जंगलों में बादल फटने की घटनाएं हुईं।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई तक मध्यम से व्यापक पैमाने पर बारिश का अनुमान जताया है।
उत्तराखंड के अधिकतर हिस्से लगातार बारिश से प्रभावित हुए। हरिद्वार जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने 10 जिलों के लिए ‘रेड’ और ‘ओरेंज’ अलर्ट जारी किए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से राज्य में विभिन्न स्थानों पर दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 84 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
मौसम विभाग ने रविवार से अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर जिलों के लिए ‘आरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में ‘येलो अलर्ट’ लागू है।
नगालैंड के मोन जिले में अचानक आई बाढ़ में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में मकान बह गए, सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई लोग मलबे के नीचे फंस गए।
कई घंटे की भारी बारिश के बाद मोन शहर में मकानों, सड़कों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में पानी भर गया है और भूस्खलन के कारण प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
प्राधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया है क्योंकि बाढ़ और भूस्खलन के मलबे के नीचे कई लोगों के अब भी फंसे होने की खबर है।
नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉनी रुआंगमेई ने बताया कि रविवार तड़के से लगातार जारी बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई और जलभराव हो गया, जबकि पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन के कारण प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं तथा यातायात बाधित हुआ।
हिमाचल प्रदेश में, शिमला मौसम केंद्र द्वारा अगले दो दिनों में चार से पांच जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताए जाने के बाद अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है।
मौसम कार्यालय ने सोमवार (20 जुलाई) को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के लिए तथा मंगलवार (21 जुलाई) को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में भी व्यापक बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।
आईएमडी के अनुसार, राज्य में कुछ जगहों पर भारी तो कहीं पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
पश्चिम बंगाल में, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में उत्तरी जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताते हुए पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दी है।
आईएमडी ने कहा कि शनिवार से उत्तर बंगाल के जिलों दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक सहित क्षेत्र की कुछ नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है।
विभाग के मुताबिक, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अत्यंत भारी बारिश और अन्य उप-हिमालयी जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
दूसरी ओर, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली में रविवार को न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में जुलाई की सबसे गर्म रात रही।
इससे पहले शहर में एक जुलाई 2021 को न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
दिल्ली के मुख्य केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा।
इस महीने में यह दूसरा मौका है जब न्यूनतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंचा है, इससे पहले शुक्रवार को भी इतना ही तापमान दर्ज किया गया था।
हालांकि, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी के कारण दिनभर तापमान में बढ़ोतरी देखी गई।
पंजाब का बठिंडा 40.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी कई जगहों पर उमस भरा मौसम बना रहा।
भाषा
सुमित संतोष
संतोष