जम्मू, 15 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को नक्सलियों से हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की, साथ ही उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए हालिया हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और ये लोकतांत्रिक देश में अस्वीकार्य हैं।
आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ खड़ी है, जहां 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद से महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश का जल्द ही राज्य का दर्जा बहाल किया जा सकता है।
‘रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया’ (आरपीआई) के अध्यक्ष ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अब्दुल्ला पर 11 मार्च को हुआ हमला दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने हमेशा जम्मू कश्मीर और भारत के बाकी हिस्सों के बीच मजबूत संबंधों का समर्थन किया है। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमें लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए। किसी को भी किसी की जान लेने का अधिकार नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर तरह की हिंसा के खिलाफ है और देश में शांति चाहती है। उन्होंने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि चरमपंथी गतिविधियों में शामिल लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक मुख्यधारा में शामिल हो जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘किसी की हत्या करने से समस्या का समाधान नहीं होता। यदि आप न्याय के लिए लोगों को मारकर लड़ाई लड़ते हैं तो आप स्वयं को और दूसरों को नष्ट कर देते हैं। हम गरीबों, आदिवासियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों के लिए न्याय की मांग का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंसा समाधान नहीं है। समाधान है लोकतांत्रिक व्यवस्था में आना, चुनाव लड़ना और संसद तथा विधानसभाओं में अपनी आवाज उठाना।’’
भाषा
शुभम नेत्रपाल
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