नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या महज एक भौगोलिक स्थान नहीं है बल्कि भारत की सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत निरंतरता का प्रतीक है और यह पवित्र नगरी भारत की सॉफ्ट पावर का केंद्र बन सकती है।
सिन्हा ने यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में आयोजित अयोध्या पर्व 2026 के दौरान कहा कि भगवान राम द्वारा प्रतिपादित सौहार्द, त्याग एवं साझा समृद्धि के मूल्य वैश्विक अस्थिरता के दौर में और अधिक प्रासंगिक हैं।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता सुरेश भैयाजी जोशी, अयोध्या के पूर्व सांसद लल्लू सिंह समेत अन्य लोग भी इस दौरान मंच पर मौजूद थे।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने कहा कि एक पवित्र नगरी के रूप में अयोध्या भारत की सांस्कृतिक जड़ों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने रेखांकित किया कि कोई भी देश अपनी ‘‘जड़ों’’ का ध्यान रखे बिना आगे नहीं बढ़ सकता।
सिन्हा ने कहा, ‘‘अयोध्या भारत की वैश्विक पहचान, आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक निरंतरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अयोध्या भारत की ‘‘सॉफ्ट पावर का केंद्र’’ बन सकती है जहां से देश की सांस्कृतिक समृद्धि और उसके लोकाचार का संदेश व्यापक दुनिया तक पहुंच सकता है।
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सिम्मी नरेश
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