(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में दो दशक बाद फिर से ऊदबिलाव देखा जा सकेगा क्योंकि चिड़ियाघर में संरक्षण प्रजनन की वजह से इस प्रजाति के एक नन्हे मेहमान का जन्म हुआ है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल पशुओं की अदला-बदली कार्यक्रम के तहत ऊदबिलाव के एक जोड़े को सूरत से दिल्ली चिड़ियाघर लाया गया था और इस साल जनवरी में इस प्रजाति के एक बच्चे ने जन्म लिया।
उन्होंने बताया कि 2004 में इस चिड़ियाघर में आखिरी ऊदबिलाव की मौत हो गयी थी, जिसके बाद से यह प्रजाति राजधानी के चिड़ियाघर में नहीं थी।
एक अधिकारी ने बताया कि ऊदबिलाव जोड़े को सूरत के कमला नेहरू चिड़ियाघर से लाया गया था और यहां लाने के बाद उन्हें पृथकवास में रखा गया तथा उन पर निगरानी रखी गई।
इस दौरान, प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें जनता के सामने नहीं लाया गया ताकि वे अपने नए परिवेश में ढल सकें।
अधिकारी ने बताया, “इन्हें यहां लाए जाने के कुछ ही समय बाद मादा ऊदबिलाव गर्भवती पाई गई। तब से, हमारे पशु चिकित्सक और पशु देखभाल दल इस जोड़े की लगातार निगरानी रख रहे थे।”
चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बताया कि मौसम अनुकूल होते ही नर ऊदबिलाव को संभवतः अगले महीने जनता के लिए बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया, “हम सर्दियों के पूरी तरह बीतने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि ऊदबिलावों को उपयुक्त जलवायु की आवश्यकता होती है। मादा और उसके बच्चे को उसके बाद ही बाड़े में लाया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल ढल जाने पर ऊदबिलाव सफलतापूर्वक प्रजनन करते हैं, जिससे भविष्य में चिड़ियाघर में ऊदबिलावों की संख्या बढ़ने की उम्मीदें हैं। दो दशक से अधिक समय बाद चिड़ियाघर में ऊदबिलावों की वापसी को संरक्षण प्रयासों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
इन ऊदबिलावों के आगमन से चिड़ियाघर में विभिन्न प्रजातियों की कुल संख्या 96 से अधिक हो गई है।
भाषा
जितेंद्र अविनाश
अविनाश