कन्नूर (केरल), 23 अप्रैल (भाषा) यूथ लीग (वाईएल) के कार्यकर्ताओं ने बीडीएस के प्रथम वर्ष के एक दलित छात्र की संदिग्ध आत्महत्या के सिलसिले में बृहस्पतिवार को अंतराकांडी स्थित निजी डेंटल कॉलेज तक विरोध मार्च निकाला।
इसी कॉलेज में इस महीने की शुरुआत में छात्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली थी।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की युवा शाखा वाईएल के कार्यकर्ताओं ने संस्थान के खिलाफ नारेबाजी की और फिर पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधों को पार करते हुए वे कॉलेज के मुख्य द्वार से घुस गए।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने और हटाने की कोशिश किए जाने के दौरान पुलिस से उनकी झड़प हुई, जिससे कॉलेज परिसर के भीतर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शनकारी उन संकाय सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जो नितिन राज (22) की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार हैं।
नितित 10 अप्रैल को कॉलेज की इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था और बाद में उसकी मौत हो गई।
हाल में केरल में कई दलित संगठनों की ‘एक्शन काउंसिल’ ने छात्र के परिवार के लिए राज्य सरकार से 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की और उसकी मौत के विरोध में 28 अप्रैल को राज्यव्यापी बंद का आह्वान भी किया, उनका आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि संस्थागत हत्या थी।
पुलिस ने राज को उसकी जाति और रंग-रूप को लेकर प्रताड़ित किए जाने के आरोपों के बाद दो संकाय सदस्यों-डॉ. एम. के. राम और डॉ. संगीता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
उन्होंने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, राज ने एक ऐप के जरिए ऋण लिया था, जिसके बाद ऋण वसूली करने वालों के लगातार फोन और संदेश एक शिक्षिका को आने लगे। उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य को दी।
पुलिस ने छात्र की मौत के सिलसिले में अलग-अलग ऑनलाइन ऋण ऐप के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की हैं और इनमें से एक मामले में उत्तर प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक ऋण ऐप का कथित तौर पर संचालन कर रहे थे।
राज के परिवार का दावा है कि केवल ऋण का मुद्दा ही उसकी मौत का कारण नहीं हो सकता।
भाषा यासिर वैभव
वैभव