कोलकाता, पांच अगस्त (भाषा) कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित हमलों और अत्याचारों के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी प्रकाश जोशी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार की अगुवाई में बुधवार को पार्टी ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाज़ार तक ‘सत्याग्रह मार्च’ निकाला ।
पुलिस ने हालांकि मार्च को मध्य कोलकाता में ही रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वहां बड़े पैमाने पर अवरोधक लगाए गए थे।
कांग्रेस का ‘लालबाजार चलो’ मार्च कॉलेज स्ट्रीट पर कलकत्ता विश्वविद्यालय से शुरू हुआ जिसे पुलिस मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर रोक दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘गांधीगिरी’ वाले अंदाज़ में विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों को फूल और टॉफ़ी दीं।
उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों और रेहड़ी वालों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज मामलों का विरोध करते हुए नारे भी लगाए।
पार्टी ने ऐसे उपाय करने की भी मांग की जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक आंदोलन बिना किसी भय या रुकावट के हो सकें।
कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बाद में कोलकाता पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राजनीतिक हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई।
शुभंकर ने कहा, ‘‘हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई चाहते हैं। इसके अलावा, हम राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी चाहते हैं।’’
उन्होंने 21 जुलाई को ‘‘शहीद दिवस’’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि पार्टी समर्थकों पर हमला किया गया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक हिंसा बढ़ी है और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)सरकार पर निष्पक्ष रूप से काम नहीं करने का आरोप लगाया।
भाषा धीरज पवनेश
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