जम्मू, पांच अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि हालिया बादल फटने की घटनाओं में भूमिहीन हुए लोगों को पांच मरला के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने और भविष्य में जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए उन्नत पूर्व चेतावनी प्रणालियों को अपनाने की संभावनाओं पर विचार करेगी।
अब्दुल्ला ने अचानक आई बाढ़ और बादल फटने से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए पुंछ जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मुर्रा, सुरनकोट और अरीगाम-लोरन में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने मुर्रा में मोहम्मद लतीफ के आवास का दौरा किया, जिन्होंने अचानक आई बाढ़ में अपने परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया।
सुरनकोट में अब्दुल्ला ने प्रभावित परिवारों और सांगला, दर्रा सांगला तथा लोअर सांगला के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आवासीय मकानों, कृषि भूमि और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के साथ-साथ जनहानि की जानकारी दी।
अब्दुल्ला ने पुनर्वास के लिए एक बड़े कदम की घोषणा करते हुए कहा कि आपदा के कारण भूमिहीन हुए परिवारों को फिर से बसाने के लिए पांच मरला के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।
बाद में, उन्होंने एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आपदा के बाद जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया गया।
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने पुंछ के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शफकत हुसैन की सक्रिय नेतृत्व क्षमता और समय पर किए गए हस्तक्षेप की सराहना की, जिससे लोगों की जान बचाने और प्रभावित आबादी तक त्वरित सहायता पहुंचाने में मदद मिली।
भाषा तान्या नेत्रपाल
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