बंगाल चुनाव: ‘उपद्रवियों’ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ याचिका दायर

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बंगाल चुनाव: ‘उपद्रवियों’ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ याचिका दायर

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 05:59 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 05:59 PM IST

कोलकाता, 28 अप्रैल (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय में मंगलवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर “उपद्रवियों” के खिलाफ कार्रवाई के सिलसिले में उसकी तरफ से जारी आदेश पर अमल नहीं कर रहा है।

उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल को आयोग की ओर से नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें कुछ नागरिकों को “उपद्रवी” करार दिया गया था और संबंधित अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष दायर याचिका में दावा किया कि आयोग ने लगभग 350 लोगों की एक नयी सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है।

इस खंडपीठ में न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन भी शामिल हैं।

याचिका में बनर्जी ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने आदेश के कार्यान्वयन पर 30 जून तक रोक लगा दी थी, लेकिन निर्वाचन आयोग इसका पालन नहीं कर रहा है।

खंडपीठ ने बनर्जी के मुवक्किल को उनकी तरफ से मौखिक रूप से किए गए अनुरोध पर अवमानना ​​याचिका दायर करने की अनुमति दे दी।

निर्वाचन आयोग के आदेश से लोगों के स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार पर असर पड़ने का दावा करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा था कि पुलिस पर्यवेक्षक ने “कुछ नागरिकों को उपद्रवी मानकर एक सामान्य निर्देश जारी करने में गलती की है।”

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया था कि यह आदेश नागरिक/पुलिस अधिकारियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 या किसी अन्य दंड संहिता के तहत अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं रोकेगा।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश