भोगपुरम: विशाखापत्तनम के नए हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानें शुरू

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भोगपुरम: विशाखापत्तनम के नए हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानें शुरू

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 06:02 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 06:02 PM IST

विजयनगरम (आंध्र प्रदेश), 17 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं शुरू हो गईं। पहली वाणिज्यिक उड़ान हैदराबाद से इंडिगो की थी, जो हवाई अड्डे पर पहुंची।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आधुनिक सुविधाओं से लैस इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किए जाने के करीब दो सप्ताह बाद वाणिज्यिक परिचालन शुरू हुआ है।

जीएमआर विशाखापत्तनम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (जीवीआईएएल) द्वारा विकसित और संचालित इस हवाई अड्डा द्वारा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए आंध्र प्रदेश की ‘पूर्व का प्रवेश द्वार’ के रूप में स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाये जाने की उम्मीद है।

जीवीआईएएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंवरबीर सिंह कालरा ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘वाणिज्यिक परिचालन की शुरुआत उत्तर आंध्र प्रदेश के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण और क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था की यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।’’

उन्होंने कहा कि हवाई अड्डा संपर्क सुविधाओं का विस्तार करेगा और व्यापार, पर्यटन, निवेश तथा रोजगार के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। यह क्षेत्रीय और वैश्विक संपर्क को मजबूत करने के साथ राज्य के उत्तरी हिस्से की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि में योगदान देगा।

हवाई अड्डे पर एअर इंडिया एक्सप्रेस, एअर इंडिया, इंडिगो, स्कूट और इंडिया वन की पहली उड़ानों के आगमन पर वाटर कैनन से सलामी दी गई। पहले दिन कुल 52 हवाई यातायात परिचालन निर्धारित थे।

दिन की पहली उड़ान इंडिगो की 6ई 6408 थी, जो हैदराबाद से भोगपुरम पहुंची। इसके बाद इंडिगो की 6ई 9051 उड़ान विशाखापत्तनम से हैदराबाद के लिए रवाना हुई। इसके साथ ही हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं की औपचारिक शुरुआत हुई।

हवाई अड्डे पर किसी भारतीय एयरलाइन की पहली अंतरराष्ट्रीय सेवा भी इंडिगो की 6ई 1443 उड़ान के रूप में दर्ज हुई, जो अबू धाबी से यहां पहुंची। इसके बाद 6ई 1444 उड़ान अबू धाबी के लिए रवाना हुई।

सिंगापुर से स्कूट की टीआर 784 उड़ान हवाईअड्डे पर पहुंचने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन की उड़ान बनी। इसके बाद टीआर 785 उड़ान सिंगापुर के लिए रवाना हुई।

हवाई अड्डे की शुरुआती वार्षिक यात्री क्षमता 60 लाख है। इसे चरणबद्ध विस्तार के लिए मास्टर प्लान किया गया है, जिसके तहत भविष्य में यहां सालाना चार करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की जा सकेगी।

हवाई अड्डे का 3,800 मीटर लंबा कोड 4ई रनवे बड़े आकार के विमानों के परिचालन में सक्षम है। इससे भविष्य में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार, एयर कार्गो क्षमता बढ़ाने तथा भारत के पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश को विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हवाईअड्डे पर वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक नए अध्याय की शुरुआत बताया।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जिस तरह भोगपुरम से विमान उड़ान भर रहे हैं, उसी तरह हमारे युवाओं की आकांक्षाएं, सपने और भविष्य भी नयी ऊंचाइयों की ओर उड़ान भरेंगे और उनके लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।’’

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सोमवार को हवाई अड्डे पर पहली वाणिज्यिक उड़ान सेवा को हरी झंडी दिखाई और यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे। इसके साथ ही इस नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं शुरू हो गयीं।

राममोहन नायडू ने एक संदेश में कहा, ‘‘अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं की शुरुआत बेहद खुशी और गर्व का विषय है। यह उत्तर आंध्र प्रदेश के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है और यह क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अगस्त को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किया था।

पहली इंडिगो उड़ान हैदराबाद से भोगपुरम पहुंची, जिसके बाद एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान बेंगलुरु से यहां पहुंची। हैदराबाद से आई पहली उड़ान ने अपनी वापसी की यात्रा में तेलंगाना की राजधानी के लिए उड़ान भरी, जो भोगपुरम से रवाना होने वाली पहली उड़ान थी।

केंद्रीय मंत्री नायडू के अनुसार, हवाई अड्डे पर पहुंचे यात्रियों ने इसके बुनियादी ढांचे, वास्तुकला और सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा केवल एक इमारत के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्र के इतिहास, विरासत और संस्कृति के प्रतीक के रूप में बनाया गया है।

विशाखापत्तनम हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह उन लोगों की भावनाओं को समझते हैं, जो वहां नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं बंद होने से दुखी हैं।

उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल अब सामान्य वायुयान चालन के तहत निजी उड़ानों के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों और हवाई अड्डे के विकास में अपनी भूमिका निभाने वाले जीएमआर अधिकारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि उनके सहयोग और प्रतिबद्धता ने उत्तरी आंध्र के विकास के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद की।

भाषा

राखी माधव

माधव