खरगे को ‘भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या करों’ टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया जाए : भाजपा

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खरगे को ‘भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या करों’ टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया जाए : भाजपा

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 09:51 PM IST

बेंगलुरु, सात अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने असम में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग मंगलवार को की।

भाजपा नेताओं ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक एम ए सलीम को दी गई शिकायत में पार्टी के कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा की मांग की।

भाजपा नेताओं ने डीजीपी सलीम को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया कि खरगे ने असम में एक चुनावी अभियान को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुरान में लिखा है कि नमाज के दौरान अगर कोई जहरीला सांप दिखाई दे तो उसे मार देना चाहिए। आरएसएस/भाजपा उस जहरीले सांप की तरह हैं। अगर आप उसे नहीं मारेंगे तो आप भी नहीं बचेंगे।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इस बयान से खरगे ने कथित तौर पर मुसलमानों को आरएसएस और भाजपा सदस्यों की हत्या करने के लिए उकसाया है।

भाजपा ने कहा कि यह विशेष रूप से चिंताजनक है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कुरान का हवाला देकर ‘हत्या को उचित ठहराया’ है, जो समुदाय के भीतर ‘‘चरमपंथी तत्वों को हिंसा करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है’’।

पत्र में कहा गया है, ‘‘लाखों कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोप में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तत्काल गिरफ्तारी की हम मांग करते हैं।’’

पत्र में कहा, ‘‘खरगे के भड़काऊ बयान से उत्पन्न संवेदनशील स्थिति को देखते हुए, भाजपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए।’’

भाजपा नेताओं ने खरगे के कथित बयान की निंदा करते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के रूप में खरगे एक अत्यंत जिम्मेदार पद पर हैं और उन्हें अल्पसंख्यक समुदायों के साथ लगातार संवाद करने वाले व्यक्ति के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘गैरजिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान’’ ने देश भर में लाखों भाजपा और आरएसएस सदस्यों के जीवन को खतरे में डाल दिया है।

भाजपा नेताओं के अनुसार, असम में खरगे का भड़काऊ भाषण असल में राष्ट्रीय स्तर पर संघ परिवार पर हमला है। ऐसे बयानों के संभावित राष्ट्रीय परिणामों को नकारा नहीं जा सकता।

पत्र में डीजीपी को उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश की भी याद दिलाई गई जिसमें कहा गया है कि पुलिस ऐसे मामलों में औपचारिक शिकायतों का इंतजार किए बिना स्वतः संज्ञान लेने के लिए बाध्य है।

भाषा धीरज माधव

माधव