नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने नाई समुदाय की समस्याओं का जिक्र करते हुए सरकार से एक राष्ट्रीय केश कला बोर्ड गठित करने की मांग की।
शून्यकाल में भाजपा के डॉ भीम सिंह ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी नाई समुदाय के लोग खास कर गांवों में अपनी परंपरागत सेवा को आगे बढ़ रहे हैं और इन्हें केश कलाकार कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि चूंकि ये लोग असंगठित रोजगार में संलग्न है इसलिए ये आधुनिक सुविधाओं, रिण सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा आदि से वंचित हैं। ‘‘इसीलिए ये लोग विकास की राह पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं और शोषण के शिकार हो रहे हैं।’’
सिंह ने मांग कि नाई समुदाय के लोगों की समस्याओं को देखते हुए इनके लिए एक सार्वजनिक निकाय बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे राज्य में यह सुविधा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं।
उन्होंने मांग की कि इस समुदाय की समस्याओं को देखते हुए केंद्र के स्तर पर एक केश कला बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए ताकि यह समुदाय अपनी परांपरागत कला को भी बरकरार रखे और उसे वह सुविधाएं भी मिलें जिनसे वह वंचित है।
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मनीषा माधव
माधव