Sakti Ghar Wapsi News : एक साथ 500 से अधिक परिवारों की ‘घर वापसी’, जूदेव ने खुद चरण पखार कर किया स्वागत, बोले—अब नहीं रुकेगा ये सिलसिला

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Chhattisgarh के सक्ती जिले में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में 610 लोगों ने वैदिक विधि-विधान के साथ हिंदू परंपरा में वापसी की। आयोजन में बड़ी संख्या में परिवार शामिल हुए।

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 07:43 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 07:50 PM IST

Sakti Ghar Wapsi News / Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • 500 से अधिक परिवार कार्यक्रम में शामिल।
  • कुल 610 लोगों की धर्म में वापसी।
  • वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान सम्पन्न।

सक्ती: Sakti Ghar Wapsi News छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सांस्कृतिक पुनर्संयोग का बड़ा दृश्य सामने आया है। यहाँ आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 500 से अधिक परिवारों के कुल 610 लोगों ने विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म में वापसी की। सिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व धर्म जागरण समन्वय की पदाधिकारी अंजू गबेल ने किया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच इन परिवारों का सनातनी परंपरा में सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

चरण पखारकर की घर वापसी

इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव की मौजूदगी रही। उन्होंने सभी परिवारों के चरण पखारकर उनकी घर वापसी कराई। आयोजकों ने बताया कि यह पूरी पहल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा शुरू किए गए ऐतिहासिक अभियान से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य विलुप्त होती सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करना है। Ghar wapsi  कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया। संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक बन गया।

घर वापसी अभियान’ को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि घर वापसी अभियान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और परंपराओं से जुड़ाव मजबूत करने के उद्देश्य से इसे एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बनाया जाएगा। इसके लिए भविष्य में गांव-गांव तक पहुंच बनाने और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना तैयार की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ किया जा सके।

 

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कितने लोगों ने भाग लिया?

610 लोगों ने।

कार्यक्रम किस तरह हुआ?

वैदिक विधि-विधान से।

आयोजन का उद्देश्य क्या बताया गया?

सांस्कृतिक जागरूकता और परंपराओं से जुड़ाव।