कोलकाता, 24 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल में भाजपा के विधायक शंकर घोष ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया और आरोप लगाया कि बजट पर चर्चा के दौरान कुणाल ने अनुचित व्यवहार किया तथा विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार का सम्मान नहीं किया।
विधानसभा अध्यक्ष रतीन्द्र बोस ने कहा कि वह इस मामले की जांच करने के बाद फैसला लेंगे। वहीं, कुणाल घोष ने कहा कि उनका अध्यक्ष का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और अगर उनके व्यवहार को ऐसा माना गया है, तो उन्हें इसका खेद है।
टीएमसी विधायक कुणाल घोष और शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने 22 जुलाई को घोष को सदन से बाहर किए जाने की घटना को लेकर बृहस्पतिवार को विधानसभा में आसन के करीब जाकर विरोध प्रदर्शन किया था।
गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को हुए हंगामे के बाद कुणाल घोष को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया गया था।
भाजपा विधायक की ओर से दिए गए नोटिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को बजट पर चर्चा के दौरान सदन में कुणाल घोष का व्यवहार ‘बेहद खराब’ था।
अध्यक्ष ने कहा, ‘नोटिस में आरोप लगाया गया है कि घोष ने जानबूझकर अध्यक्ष के अधिकार को चुनौती दी और उनका सम्मान नहीं किया, ताकि सदन की कार्यवाही में बाधा डाली जा सके।’
प्रस्ताव पेश करते हुए शंकर घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी विधायक ने अपने व्यवहार से विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
भाषा जोहेब नरेश
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