मेंगलुरु, 12 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद उडुपी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रघुपति भट ने बुधवार को कहा कि पार्टी ने उनके साथ जो व्यवहार किया है उससे उन्हें बहुत पीड़ा हुई है।
उडुपी में अपने आवास पर भट ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘पार्टी के निर्णय से मैं उदास नहीं हूं । लेकिन जिस तरीके से पार्टी ने मेरे साथ बर्ताव किया है उससे बहुत पीड़ा हुयी है।’’ मीडिया के साथ बातचीत में वह अपने आंसू नहीं रोक पाए ।
उन्होंने कहा कि पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष तक ने उन्हें पार्टी के फैसले के बारे में सूचित करने के लिए फोन नहीं किया और उन्हें टेलीविजन चैनलों से इसकी जानकारी मिली।
भाजपा विधायक ने कहा, ‘‘अमित शाह ने जगदीश शेट्टार को फोन कर बदलाव के बारे में जानकारी दी । मैं उम्मीद नहीं करता हूं कि शाह मुझे फोन करेंगे, लेकिन कम से कम जिला अध्यक्ष को ऐसा करना चाहिये था । अगर मुझे सिर्फ मेरी जाति के कारण टिकट से वंचित किया गया है, तो मैं इसके लिए राजी नहीं हूं।’’
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी को उनके जैसे ‘बिना थके काम करने वाले लोगों’ की जरूरत अब नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे कठिन समय में भी पार्टी के लिए काम किया है और उन्हें जो अवसर मिले हैं, उसके लिए वह आभारी हैं।
पार्टी के उम्मीदवार यशपाल सुवर्णा को ‘‘ अपना बच्चा’’ बताते हुए भट ने कहा कि उन्होंने पार्टी में सुवर्णा के आगे जाने का हमेशा समर्थन किया है।
खुद के साथ भाजपा के बर्ताव के बारे में भट ने कहा कि वह इस कदर सदमे में हैं कि वह अपने अगले कदम पर तुरंत फैसला नहीं कर सकते ।
भट के सैकड़ों समर्थक उनकी अगली योजना के बारे में जानने के लिए उनके आवास पर जमा हो गए हैं।
भाषा रंजन रंजन नरेश
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