चंडीगढ़, 14 मार्च (भाषा)हरियाणा की दो राज्यसभा सीट पर 16 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने शनिवार को बैठक की और इस दौरान अपनी रणनीति पर चर्चा की।
विधायकों, विशेषकर पहली बार सदन के लिए निर्वाचित हुए सदस्यों के लिए मतदान प्रक्रिया को विस्तार से समझाने के लिए एक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया था।
चंडीगढ़ के एक होटल में हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा भाजपा प्रमुख मोहन लाल बडोली के अलावा महिपाल ढांडा, आरती सिंह राव और श्रुति चौधरी सहित मंत्री भी मौजूद थे।
भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल इन दोनों सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा दूसरी सीट पर नांदल का समर्थन कर रही है।
मंत्री महिपाल ढांडा ने बैठक से पहले संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कई ऐसे विधायक हैं, जो पहली बार निर्वाचित हुए हैं और उन्हें मतदान प्रक्रिया से परिचित होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘विधायकों के लिए प्रशिक्षण एक अच्छी बात है, क्योंकि वोट डालते समय एक-दो बिंदी लगने से भी वोट अमान्य हो सकता है।’’
सूत्रों ने बताया कि विधायकों को मतदान प्रक्रिया समझाने के अलावा, पार्टी चुनाव के लिए रणनीति भी बनाएगी।
मुख्य विपक्षी कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश के तहत शुक्रवार को यहां अपने विधायकों की बैठक की और उन्हें हिमाचल प्रदेश भेज दिया। हरियाणा विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 48 विधायक, कांग्रेस के 37, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो)के दो विधायक और तीन विधायक निर्दलीय हैं। हरियाणा से राज्यसभा में जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 31 मतों की जरूरत होगी।
कांग्रेस के सदन में 37 सदस्य हैं, जो पार्टी उम्मीदवार को सीट जिताने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, क्रॉस-वोटिंग की स्थिति में समीकरण बदल सकता है।
हरियाणा से राज्यसभा की दो सीट रिक्त हो रही हैं, क्योंकि भाजपा सदस्य किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।
भाषा धीरज दिलीप
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