जम्मू, 19 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला सशक्तिकरण की आड़ में लोकतंत्र पर ‘‘खुलेआम और हताशापूर्ण हमले’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को चुनावी बयानबाजी तक सीमित नहीं किया जा सकता या संस्थागत हेरफेर को उचित ठहराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस प्रवक्ता नम्रता शर्मा ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने वाले विधेयक का पारित न हो पाना, भाजपा द्वारा महिलाओं के अधिकारों को राजनीतिक रूप से प्रेरित भारत के चुनावी ढांचे के पुनर्गठन के लिए हथियार बनाने के प्रयास की निर्णायक अस्वीकृति है।
शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा का दृढ़ता से समर्थन करती है। 2023 में जब कानून पारित हुआ था, तब पूरे विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया था, जो इस मुद्दे पर एक दुर्लभ और स्पष्ट राष्ट्रीय सहमति को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा कि इस आम सहमति के बावजूद, भाजपा ने जानबूझकर इसके कार्यान्वयन को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर ढांचे को कमजोर कर दिया, जिससे तत्काल संवैधानिक प्रतिबद्धता प्रभावी रूप से एक ‘‘अनिश्चित और स्थगित’’ वादे में बदल गई।
शर्मा ने भाजपा पर महिला सशक्तिकरण की आड़ में लोकतंत्र पर ‘‘खुलेआम और हताशापूर्ण हमले’’ करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘यह (महिलाओं को) अधिकार देने के बारे में नहीं था, बल्कि उन्हें टालने के बारे में था, यह सुनिश्चित करने के बारे में था कि महिला आरक्षण एक वास्तविक संवैधानिक गारंटी के बजाय एक राजनीतिक नारा बना रहे।’’
भाषा धीरज रंजन
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