बजट सत्र बढ़ाया गया ताकि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को 2029 तक लागू किया जा सके : मोदी

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बजट सत्र बढ़ाया गया ताकि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को 2029 तक लागू किया जा सके : मोदी

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 10:04 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 10:04 PM IST

(तस्वीरों के साथ जारी)

तिरुवल्ला (केरल), चार अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि संसद के बजट सत्र को तीन दिन के लिए इसलिए बढ़ाया गया है ताकि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 2023 में बनाए गए कानून को 2029 से लागू किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने सभी दलों से इसका समर्थन करने का आग्रह किया।

मोदी ने यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद की बैठक के दौरान इस बात पर कानूनी मुहर लगाएगी कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा या तेलंगाना समेत किसी भी राज्य की लोकसभा सीट की संख्या में कमी नहीं की जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजग सरकार ने 2023 में एक कानून के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट सत्र बढ़ा दिया है और संसद 16, 17 और 18 अप्रैल को तीन दिन के लिए फिर बैठेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप जानते हैं कि यह फिर से क्यों बुलाई जा रही है? हमने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का जो कानून पारित किया है, उसका लाभ 2029 के लोकसभा चुनाव से मिलना शुरू हो सके और हमारी 33 प्रतिशत बहनें संसद में बैठ सकें, इसके लिए कुछ और कानूनी प्रावधानों की जरूरत है।’’

महिला आरक्षण अधिनियम 2023 में संसद से पारित किया गया था। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान संविधान में संशोधन के जरिए किया गया था लेकिन यह परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभाव में आएगा।

अगर परिसीमन प्रक्रिया से पहले ही इस कानून को लागू करने का प्रस्ताव वास्तव में लागू करना है तो संविधान में इसके लिए एक और संशोधन की आवश्यकता होगी। सरकार द्वारा संसद के तीन दिवसीय सत्र में इस संबंध में कानून में संशोधन किए जाने की संभावना है।

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि यह महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है इसलिए उन्हें खुले मन से और बिना किसी राजनीतिक गणना के इसका पूरा समर्थन करना चाहिए तथा देश की माताओं एवं बहनों का विश्वास जीतने में भागीदार बनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कांग्रेस के सदस्यों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है तथा उसे उम्मीद है कि वे आएंगे और इस पर सहमत होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने इंडी गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) में अपने मित्रों से भी बात की है। आपको भी लोगों को, कांग्रेस सदस्यों को और एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) के सदस्यों को यह बताना चाहिए कि महिलाओं के अधिकारों के लिए कानून सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए।’’

मोदी ने लोगों से विपक्षी दलों से इसे पारित कराने की प्रतिबद्धता लेने का आग्रह करते हुए कहा कि ‘‘देश की माताओं और बहनों का यह अधिकार’’ 40 वर्ष से लंबित है और इसमें फिर से देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘…इस देश की माताएं और बहनें दबाव बनाएं ताकि सभी नेता संसद में आएं और इस कानून को पारित करें।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत को देखते हुए ‘नारी शक्ति वंदन कानून’ में संशोधन किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इस संशोधन का सर्वसम्मति से पारित किया जाना जरूरी है ताकि इसका लाभ 2029 के चुनाव से ही मिलना शुरू हो सके।’’

मोदी ने यह भी कहा कि लोग यह झूठी जानकारी फैला रहे हैं कि केरल, तमिलनाडु और जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में अच्छा काम करने वाले अन्य राज्यों में अगर आबादी कम होगी तो उन राज्यों की सीट भी कम हो जाएंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हम संसद में यह सुनिश्चित करना चाहते हैं और इस पर कानूनी मुहर लगाना चाहते हैं कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा या तेलंगाना- किसी भी राज्य की लोकसभा सीट की संख्या कम नहीं हो।’’

उन्होंने कहा कि इसे औपचारिक रूप देने और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को अतिरिक्त सीटों के रूप में जोड़ने के इरादे से एक विधायी संशोधन के लिए यह सत्र बुलाया गया है ताकि दक्षिण भारतीय राज्यों को इतना बड़ा लाभ मिल सके।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन