नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को रेल मंत्रालय की लगभग 9,072 करोड़ रुपये लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी।
इन तीन परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर खंड का दोहरीकरण और पुनारख-किऊल तथा गम्हरिया-चांडिल खंड के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाना शामिल है।
सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों को कवर करने वाली इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 5,407 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है।’
इसमें कहा गया, ‘बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी।’
बयान में कहा गया, ‘प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा, जिनमें कचनार शिव मंदिर (जबलपुर), कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (बालाघाट), गांगुलपारा बांध और जलप्रपात, पेंच राष्ट्रीय उद्यान, धुआंधार जलप्रपात, बरगी बांध, गोमजी-सोमजी मंदिर, चांडिल बांध, दलमा हिल टॉप, हेसाकोचा जलप्रपात, रायजामा घाटी, दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य शामिल हैं।’
भाषा आशीष पवनेश
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