शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज

Ads

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज

  •  
  • Publish Date - February 22, 2026 / 12:48 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 12:43 PM IST

प्रयागराज (उप्र), 22 फरवरी (भाषा) शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले में अदालत के आदेश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

शनिवार देर रात दर्ज किए गए मुकदमे में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है।

प्रयागराज की बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने शनिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में दो बच्चों को पेश करके उनके यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे।

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कानून) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने प्रयागराज पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और उनके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत दाखिल आवेदन पर अदालत ने पिछले सप्ताह साक्ष्यों को देखने और पीड़ित ‘बटुकों’ का बयान दर्ज करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

याचिकाकर्ता ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109 के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/5/9 और 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह करते हुए यह आवेदन दाखिल किया था।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि न्यायपालिका ने बच्चों के साथ हुई अनुचित गतिविधि के मामले की सुनवाई करते हुए झूंसी थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज से हम यहां से विद्या मठ (वाराणसी) के लिए सनातन यात्रा निकाल कर रहे हैं। हम दिखाएंगे कि विद्या मठ के पंचम तल पर किस तरह से बच्चों का यौन शोषण किया जाता है। बच्चों के साथ दुष्कर्म के बहुत सारे साक्ष्य वहां मौजूद हैं।’’

उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज के माघ मेला 2026 में मेला प्रशासन से टकराव को लेकर सुर्खियों में बने रहे। उन्होंने मेला प्रशासन पर मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करने देने का आरोप लगाया था।

भाषा सलीम गोला

गोला