नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को शंकर मिश्रा की एक याचिका पर एयर इंडिया से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। मिश्रा पर पिछले साल न्यूयॉर्क-नयी दिल्ली उड़ान में एक बुजुर्ग महिला सह-यात्री पर पेशाब करने का आरोप है।
मिश्रा ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कुछ दस्तावेजों की आपूर्ति के लिए याचिका दायर की है।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने मिश्रा की याचिका पर विमानन कंपनी को नोटिस जारी किया। याचिका में एक अपीलीय समिति के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें एयर इंडिया को उनके द्वारा मांगी गई सामग्री प्रदान करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया गया था।
उच्च न्यायालय ने मार्च में कथित घटना के बाद मिश्रा पर लगाए गए चार महीने के उड़ान प्रतिबंध के खिलाफ अपील पर सुनवाई के लिए विमानन नियामक डीजीसीए को एक अपीलीय समिति बनाने का निर्देश दिया था।
मिश्रा ने अपनी याचिका में दावा किया कि पायलट, चालक दल और विमानन कंपनी के बीच कुछ ऐसे दस्तावेज और पत्राचार हैं, जो उसे अपनी बेगुनाही साबित करने में मददगार होंगे, लेकिन समिति ने 15 सितंबर को पारित आदेश में ये दस्तावेज मुहैया कराने से इनकार कर दिया।
मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
भाषा अविनाश माधव
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