पिछली बंगाल सरकार के कार्यकाल में कुर्मियों के आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे : मुख्यमंत्री

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पिछली बंगाल सरकार के कार्यकाल में कुर्मियों के आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे : मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - September 20, 2026 / 03:10 PM IST,
    Updated On - September 20, 2026 / 03:10 PM IST

पुरुलिया (बंगाल), 20 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुर्मियों के आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले वापस लिए जाएंगे।

अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कुर्मी समुदाय के लिए कुछ करने के बजाय समुदाय के भीतर विभाजन पैदा करने का काम किया।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

कुर्माली भाषा मुख्य रूप से राज्य के पश्चिमी जिलों में रहने वाले कुर्मी समुदाय के लोग बोलते हैं, जबकि राजबंशी भाषा उत्तर बंगाल में रहने वाले कुर्मी समुदाय द्वारा बोली जाती है।

पुरुलिया जिले में आयोजित करम महोत्सव के एक कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकारी ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार ने कुर्मियों के बीच विभाजन पैदा किया… वह कभी नहीं चाहती थी कि वे एकजुट रहें। वहीं, हम इस साल के विधानसभा चुनाव से पहले अपने ‘संकल्प पत्र’ में समुदाय से किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे। हमने इस साल के बजट में समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और आने वाले दिनों में इस राशि को बढ़ाया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि कुर्मी विकास बोर्ड को भी जल्द फिर से सक्रिय किया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान कुर्मियों ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने और उनकी कुर्माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में सड़क और रेल नाकेबंदी की थी।

भाषा गोला रंजन

रंजन