नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) सीबीआई ने विदेशी ‘फिनटेक’ (वित्तीय प्रौद्योगिकी) मंच ‘पीवाईवाईपीएल’ से जुड़ी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के सिलसिले में कई राज्यों में 15 स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अब गिरोह के कथित सरगना अशोक कुमार शर्मा की हिरासत की मांग कर रही है, जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट है और जिसे हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर अपराध निरोधक शाखा (आई4सी) ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। इसके बाद एजेंसी ने मामला दर्ज कर बुधवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में छापेमारी की।
जांच अधिकारियों के अनुसार शर्मा कथित तौर पर दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्थित बिजवासन में ‘बिजवासन ग्रुप’ के अपने कार्यालय से फर्जी निवेश योजनाओं, साइबर धोखाधड़ी, अवैध क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन और पार्टटाइम नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़े एक व्यापक संगठित घोटाले में शामिल था।
सीबीआई ने बताया कि गिरोह ने कथित तौर पर पिछले साल ही पीड़ितों से 900 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। जांच एजेंसी ने बताया कि अब तक पहचानी गई 15 फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से इस रकम की हेराफेरी की गई और धन शोधन किया गया।
सीबीआई की एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर संगठित ऑनलाइन निवेश और पार्टटाइम नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले के सिलसिले में सीबीआई ने दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में 15 स्थानों पर एकसाथ छापेमारी की। इस मामले में विदेशों से धन निकासी और विदेशी ‘फिनटेक’ मंच मुख्य रूप से दुबई स्थित ‘पीवाईवाईपीएल’ शामिल है।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आरोप है कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी गिरोह द्वारा संचालित भ्रामक ऑनलाइन योजनाओं के माध्यम से हजारों भोले-भाले भारतीय नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई।’’
भाषा सुरभि वैभव
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