नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के तहत 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में तकनीकी खराबी और देरी की खबरों का बुधवार को खंडन करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया ‘‘सही तरह से’’ काम कर रही है और तय समयसीमा के तहत ही काम हो रहा है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि छात्र मई के तीसरे सप्ताह में परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं, जैसा कि पहले बताया गया था।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में तकनीकी समस्याओं को लेकर मीडिया में आई खबरें ‘तथ्यों पर आधारित नहीं’’ हैं।
भारद्वाज ने कहा, ‘‘आकलन प्रक्रिया बहुत ही शानदार तरीके से चल रही है, बल्कि पिछले साल से बेहतर।’’ उन्होंने कहा कि बोर्ड को इस साल पूर्ण पैमाने पर ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के सफल कार्यान्वयन पर ‘बहुत गर्व’ है।
उन्होंने कुछ मीडिया पोर्टल पर दी गई खबरों के बारे में कहा कि ‘‘मैं उनका खंडन करता हूं। ये सब झूठ हैं और सब कुछ बिल्कुल ठीक है। हमें इस प्रक्रिया को शुरू करने पर बहुत गर्व है।’’
मूल्यांकनकर्ताओं से मिली प्रतिक्रिया को रेखांकित करते हुए भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक इस प्रणाली से संतुष्टि व्यक्त कर रहे हैं।
भारद्वाज ने कहा, ‘‘वे मुझे सेल्फी, तस्वीरें और धन्यवाद संदेश भेज रहे हैं, और कह रहे हैं कि वे इस प्रणाली के साथ काम करके भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि यहां तक कि जिन्हें मूल्यांकन का कार्य नहीं सौंपा गया है, उन्होंने भी भाग लेने में रुचि दिखाई है।
मूल्यांकन प्रक्रिया की स्थिति के बारे में भारद्वाज ने कहा कि यह ‘‘निर्धारित समय के अनुसार’’ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने परिणामों की घोषणा की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि छात्र मई के तीसरे सप्ताह में नतीजों की उम्मीद कर सकते हैं, जैसा कि पहले बताया गया था।
भाषा धीरज नरेश
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