फैक्ट्री में विवाद को लेकर आप विधायक चैतर वसावा के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज

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फैक्ट्री में विवाद को लेकर आप विधायक चैतर वसावा के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज

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  • Publish Date - April 29, 2026 / 10:30 PM IST,
    Updated On - April 29, 2026 / 10:30 PM IST

भरूच (गुजरात), 29 अप्रैल (भाषा) भरूच जिले के झगड़िया जीआईडीसी थाने में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक चैतर वसावा और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ बुधवार को तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं।

यह कार्रवाई वसावा द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने और बदले में खुद भी थप्पड़ खाने की घटना के कुछ दिनों बाद हुई है।

भरूच के पुलिस अधीक्षक अक्षय राज ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की, लेकिन मामला ‘संवेदनशील’ होने का हवाला देते हुए विवरण साझा करने से इनकार कर दिया।

एक वीडियो बयान में वसावा ने कहा कि ये प्राथमिकी ‘कल चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद’ दर्ज की गई हैं।

मंगलवार को स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम घोषित किए गए थे, जिसमें ‘आप’ ने पड़ोसी नर्मदा जिले की जिला पंचायत और क्षेत्र की कई अन्य तालुका पंचायतों में जीत हासिल की है।

डेडियापाड़ा के विधायक ने कहा, ‘पुलिस को लगता है कि वे मेरे खिलाफ कार्रवाई करके मुझे डरा देंगे, आगे की कार्यवाही रोक देंगे और इस तरह कंपनी अधिकारियों को बचा लेंगे… मैं आपकी निराधार प्राथमिकी या जेल की धमकी से डरने वाला नहीं हूं।’

गत 23 अप्रैल को झगड़िया औद्योगिक क्षेत्र के एक रसायन कारखाने में आग लगने से राकेश वसावा सहित दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी और 16 अन्य घायल हो गए थे।

राकेश की मौत के अगले दिन, उनका चचेरा भाई रोशन वसावा परिवार के लिए अनुग्रह राशि पर चर्चा करने कारखाने पहुंचा था। विधायक चैतर वसावा भी अपने समर्थकों और घायल श्रमिकों के परिजनों के साथ वहां पहुंचे और सभी पीड़ितों के लिए उच्च मुआवजे की मांग की।

एक वायरल वीडियो में विधायक को फैक्ट्री के गेट के पास रोशन के साथ किसी मुद्दे पर बहस करते और अचानक पुलिस के एक अधिकारी की मौजूदगी में उसे थप्पड़ मारते हुए देखा गया। इसके बाद रोशन भी विधायक को थप्पड़ मारते हुए दिखा, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें अलग किया।

विधायक ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि पुलिस ने अभी तक कंपनी प्रशासन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की है, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है।

बता दें कि चैतर वसावा फिलहाल हत्या के प्रयास के एक मामले में जमानत पर बाहर हैं। सितंबर 2025 में उन्हें जमानत देते समय अदालत ने उनके एक साल तक डेडियापाड़ा में प्रवेश करने पर रोक लगा दी थी।

भाषा सुमित वैभव

वैभव