नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को फोन किया और पश्चिम एशिया संकट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
अराघची की मास्को यात्रा के दो दिन बाद उनकी भारत के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत हुई।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया।’
उन्होंने कहा, “हमने मौजूदा स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।”
नयी दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि दोनों पक्षों ने “युद्धविराम, द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की और विचारों का आदान-प्रदान किया।”
माना जाता है कि अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों से उत्पन्न स्थिति का भी बातचीत में जिक्र हुआ।
ईरान-अमेरिका युद्ध को समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों के तहत, ईरानी विदेश मंत्री ओमान और पाकिस्तान का दौरा करने के बाद मॉस्को के लिए रवाना हुए थे।
ईरान और अमेरिका के बीच 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता का पहला दौर संघर्ष को समाप्त करने में विफल रहा।
पिछले मंगलवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया ताकि तेहरान को युद्ध समाप्त करने के लिए एक एकीकृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए और समय मिल सके।
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए।
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राखी वैभव
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