सीसीबी ने 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में पूर्व द्रमुक मंत्री अंबिल महेश के परिसरों की ली तलाशी

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सीसीबी ने 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में पूर्व द्रमुक मंत्री अंबिल महेश के परिसरों की ली तलाशी

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 01:12 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 01:12 PM IST

चेन्नई/तिरुचिरापल्ली, 16 सितंबर (भाषा) सीसीबी के अधिकारियों ने बुधवार को निजी स्कूलों को मंजूरी देने से जुड़े 100 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और द्रमुक नेता अंबिल महेश पोय्यामोझी के चेन्नई और तिरुचिरापल्ली स्थित विभिन्न आवासों और परिसर पर एक साथ तलाशी ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

तलाशी छह स्थानों पर ली गई जिनमें से चार परिसर पूर्व मंत्री से जुड़े हैं और दो परिसर उनके सहयोगी वलादी कार्तिक से संबंधित हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने उनके स्कूल शिक्षा मंत्री रहने की अवधि से जुड़े

विभागीय रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद सीसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूर्व मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया।

जांच तमिलनाडु में निजी स्कूलों के संघों के महासंघ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विभिन्न निजी स्कूलों के प्रबंधन को स्थायी मान्यता दिलाने, उन्नयन, नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय (डीटीसीपी) से मंजूरी और राज्य सरकार की अन्य स्वीकृतियां दिलाने का झूठा आश्वासन देकर धोखा दिया गया।

इससे पहले 27 जून को सीसीबी ने सलिग्रामम निवासी 59 वर्षीय बी. टी. अरसाकुमार को कथित तौर पर स्कूल प्रबंधनों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं ने अब तक 177 प्रभावित निजी स्कूलों की जांच की है और स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों समेत 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।

पुलिस ने अरसाकुमार और उसके परिवार से जुड़े 20 बैंक खातों के अलावा एक अन्य आरोपी मुथुकुमार से जुड़े 29 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है।

भाषा संतोष मनीषा

मनीषा