नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) सहित सेना के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को संसद की एक प्रमुख समिति के समक्ष पेश होकर ‘मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस’ (एमईएस) के अनुबंधों के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
लोक लेखा समिति की रक्षा उपसमिति भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की उस रिपोर्ट पर विचार-विमर्श कर रही है, जिसमें एमईएस के अनुबंधों और उनके क्रियान्वयन का उल्लेख किया गया है।
बैठक में सीडीएस जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि भी शामिल हुए। इस दौरान सैन्य मामलों के विभाग ने संबंधित विषय पर समिति के समक्ष अपने विचार व्यक्त किए।
लोक लेखा समिति का दायित्व सरकार के राजस्व और व्यय की जांच करना है, ताकि वित्तीय जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश