जनगणना 2027: आठ राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के 55,000 परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया

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जनगणना 2027: आठ राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के 55,000 परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 09:55 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 09:55 PM IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ क्षेत्रों समेत आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 55,000 परिवारों ने जनगणना 2027 के पहले दिन स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मकानों की सूची और आवास गणना 16 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई को समाप्त होगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, लक्षद्वीप, मिजोरम और राष्ट्रीय राजधानी के एनडीएमसी और छावनी बोर्ड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए स्व-गणना के वास्ते एक विशेष रूप से विकसित पोर्टल शुरू किया गया है, जहां नागरिक स्वयं घर-घर सूचीकरण अभियान के लिए सूचीबद्ध प्रश्नों का उत्तर डिजिटल रूप से दे सकते हैं और एक विशिष्ट आईडी बना सकते हैं, जिससे भौतिक सत्यापन के दौरान समय की बचत होगी।

बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘स्व-गणना कवायद एक सुरक्षित, वेब-आधारित सुविधा है जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। पहली बार, उत्तरदाता जनगणना अधिकारी के आने से पहले अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं।’’

इसमें कहा गया है कि जनगणनाकर्मी पिछली जनगणनाओं की तरह ही सभी आवंटित गृहसूची ब्लॉक में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, जबकि स्व-गणना नागरिकों के लिए एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में काम करेगी।

बयान में कहा गया है, ‘‘स्व-गणना में भाग लेने के लिए, उत्तरदाता अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी पहचान पत्रों का उपयोग करके पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं। इसके बाद एक अद्वितीय स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) उत्पन्न होती है, जिसे पुष्टि के लिए बाद के फील्ड दौरे के दौरान गणनाकर्ता के साथ साझा किया जाएगा।’’

मकानों की सूची बनाने और मकानों की गणना (एचएलओ) चरण के दौरान, आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और स्वामित्व वाली संपत्तियों के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी।

इसमें कहा गया है, ‘‘प्रथम चरण के लिए कुल 33 प्रश्न जनवरी 2026 में अधिसूचित किए गए थे ताकि इन महत्वपूर्ण संकेतकों को संकलित किया जा सके, जो साक्ष्य-आधारित योजना, नीति निर्माण और लक्षित कल्याणकारी हस्तक्षेपों के लिए आधार का काम करते हैं।’’

एचएलओ चरण की शुरुआत देशभर में 1 अप्रैल को हुई और यह 30 सितंबर को समाप्त होगा।

प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश छह महीने की अवधि के दौरान 30 दिनों का निरंतर क्षेत्रीय अभियान चलाएगा।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश