जनगणना 2027: केंद्रीय मंत्री राय और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा स्वगणना में शामिल हुए

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जनगणना 2027: केंद्रीय मंत्री राय और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा स्वगणना में शामिल हुए

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 10:32 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 10:32 PM IST

नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने शनिवार को भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) द्वारा पहली बार शुरू किए गए विशेष पोर्टल पर स्वगणना करके जनगणना 2027 प्रक्रिया में भाग लिया।

राय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व में भारत के विकास को और गति प्रदान करेगी और देश के प्रत्येक नागरिक तक सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राय ने कहा, ‘‘माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में, जनगणना पहली बार डिजिटल रूप में भी शुरू की गई है, जिससे यह सरल और अधिक प्रभावी हो रही है। आप भी इसके आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने क्षेत्र के अनुसार खुद की स्वयं गणना कर सकते हैं।’’

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब जनगणना अधिकारी उनके घर आएं तो वे आवश्यक जानकारी प्रदान करें। मिश्रा ने भी शनिवार को पहले चरण (घरों की सूची और आवास गणना) के तहत स्वगणना प्रक्रिया पूरी की।

आरजीआई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए हम श्री पी.के. मिश्रा जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। डिजिटल स्वगणना सुविधा इस प्रक्रिया को सुविधाजनक, त्वरित और सभी के लिए सुलभ बनाती है।’’

इसमें कहा गया है कि स्वगणना प्रक्रिया पूरी करके, निवासी सीधे विश्वसनीय जनगणना डेटा में योगदान करते हैं जो समावेशी विकास और प्रभावी शासन का समर्थन करता है।

इसमें कहा गया है, ‘‘हम सभी से ‘एसई डॉट सेंसस डॉट गाव डॉट इन’ के माध्यम से स्वगणना करने और एक मजबूत, डेटा-सशक्त विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का पुरजोर आग्रह करते हैं।’’

भारत की पिछली जनगणनाओं की तरह ही 2027 की जनगणना दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण को गृह सूचीकरण और आवास गणना तथा दूसरे चरण को जनगणना के नाम से जाना जाता है।

सरकार ने 22 जनवरी को 33 प्रश्नों की सूची अधिसूचित की थी, जो एक अप्रैल से शुरू होने वाले जनगणना के पहले चरण (गृह सूचीकरण और आवास गणना) के दौरान नागरिकों से पूछे जाएंगे।

नागरिक स्वयं इन प्रश्नों के उत्तर डिजिटल रूप से स्वगणना में भाग लेकर दे सकते हैं। जनगणना प्रक्रिया में पहली बार शुरू की गई स्वगणना प्रक्रिया, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्धारित 15 दिनों की अवधि के दौरान इस उद्देश्य के लिए आरजीआई द्वारा बनाई गई वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

नागरिकों को अपना पंजीकरण कराना होगा, प्रश्नों के उत्तर देने होंगे और ‘आईडी’ बनानी होगी, जिसे सत्यापन के लिए घर आने वाले गणना कर्मियों को उपलब्ध कराना होगा।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश