केंद्र ने सियाम को ई 20 ईंधन पर ‘रिपोर्ट’ वापस लेने के लिए मजबूर किया : केजरीवाल

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केंद्र ने सियाम को ई 20 ईंधन पर ‘रिपोर्ट’ वापस लेने के लिए मजबूर किया : केजरीवाल

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 09:22 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 09:22 PM IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप)के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफ़ैक्चरर्स(सियाम) को उस ‘रिपोर्ट’ को वापस लेने के लिए मजबूर किया, जिसमें कथित तौर पर ई20 ईंधन को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।

केजरीवाल के आरोप पर सियाम और केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि सियाम ने 28 जुलाई को केंद्र को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा गया था कि ई20 ईंधन में क्लोराइड और नमी की मात्रा अधिक होती है, जिससे गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह रिपोर्ट ऑटोमोबाइल उद्योग के निकाय ने व्यापक अनुसंधान के बाद तैयार की थी।

केजरीवाल ने दावा किया कि चार अगस्त तक केंद्र ने सियाम पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव डाला और उसी की वजह से औद्योगिक निकाय ने अनुसंधान के नतीजों के सत्यापन की बात कही।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब विज्ञान और अभियांत्रिकी के जानकार कह रहे हैं कि ई20 नुकसानदायक है, तो (प्रधानमंत्री नरेन्द्र)मोदी सरकार इसे देश पर क्यों थोप रही है?’’

केजरीवाल ने अपने आरोप को दोहराया कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से ग्राहकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, क्योंकि इससे गाड़ियों के रखरखाव का खर्च बढ़ जाएगा।

सियाम ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेजा वह पत्र वापस ले लिया है, जिसमें ई20 ईंधन (20 प्रतिशत एथनॉल युक्त पेट्रोल) से होने वाले नुकसान और उससे वाहनों में आने वाली दिक्कतों पर चिंता जताई गई थी। संगठन ने कहा है कि इस मामले में अभी और अधिक आंकड़े जुटाए जाने की आवश्यकता है।

सियाम ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि संबंधित पत्र विभिन्न हितधारकों के बीच नियमित रूप से होने वाली तकनीकी चर्चाओं का हिस्सा था। इनमें उद्योग संगठन, पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी), वाहन विनिर्माता कंपनियां (ओईएम) तथा परीक्षण एजेंसियां शामिल हैं।

संगठन ने कहा, ‘‘पत्र में उद्धृत कुछ आंकड़ों के सत्यापन के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से विस्तृत आंकड़े एकत्र करने और हमारी सदस्य वाहन विनिर्माता कंपनियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।’’

उसने कहा कि मीडिया में प्रकाशित संबंधित आंकड़ों का भी इसी प्रकार सत्यापन किया जाना जरूरी है। इसलिए सियाम अपना पहले भेजा गया पत्र वापस ले रहा है।

मीडिया की खबरों के अनुसार, अब वापस लिए जा चुके पत्र में सियाम ने कहा था कि जांच में पाया गया कि ई20 ईंधन से संबंधित समस्या वाले वाहनों में इस्तेमाल किए गए ईंधन में क्लोराइड की अधिक मात्रा के कारण इंजन के पुर्जों में जंग और घिसाव हुआ। पत्र में इंजन के पुर्जों पर क्लोराइड के अत्यधिक नुकसानदेह प्रभाव का भी उल्लेख किया गया था।

इसके अलावा, सियाम के सदस्यों ने खुदरा बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध ई20 ईंधन में अत्यधिक नमी होने का भी मुद्दा उठाया था। उसका कहना था कि यदि नमी की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक हो जाए, तो ईंधन अलग हो जाता है और ईंधन भरवाने के तुरंत बाद वाहन चलने की स्थिति में नहीं रहता।

पत्र में ईंधन खुदरा बिक्री केंद्रों पर भंडारण टैंक और पाइपलाइन के समुचित रखरखाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया था।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप