बेंगलुरु, 17 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सी. नारायणस्वामी ने एससीएसपी और टीएसपी के तहत आंवटित कोष का इस्तेमाल कर्नाटक सरकार द्वारा कथित रूप से अपनी अलग-अलग गारंटी योजनाओं के लिए किये जाने के सिलसिले में केंद्र से तत्काल दखल देने की मांग की है।
नारायणस्वामी ने इस संबंध में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार तथा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते को पत्र लिखे हैं।
कर्नाटक विधानपरिषद में विपक्ष के नेता नारायणस्वामी ने पत्र में कहा, ‘‘यह बात सामने आई है कि अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) और जनजाति उप-योजना (टीएसपी) के तहत आवंटन में से बड़ी रकम का कथित तौर पर इस्तेमाल ऐसी ‘सार्वभौमिक गारंटी योजनाओं’ (सभी के लिए गारंटी वाली योजनाओं) का वित्तपोषण करने के लिए किया गया है, जो खास तौर पर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा कि कोष का इस तरह से दूसरी जगह इस्तेमाल करने से गंभीर कानूनी, संवैधानिक और नैतिक चिंताएं पैदा होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023-24, 2024-25 और 2026-27 के बीच कुल 53,059.45 करोड़ रुपये का कोष दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया।
नारायणस्वामी ने केंद्र से अपील की कि वह कर्नाटक में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान एससीएसपी और टीएसपी के तहत आवंटित और खर्च की गई राशि का व्यापक ऑडिट करे।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र इस बात की भी जांच करे कि क्या राज्य की गारंटी योजनाओं के लिए इस कोष का इस्तेमाल, कर्नाटक एससीएसपी/टीएसपी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों और अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के कल्याण से जुड़े संवैधानिक ढांचे के अनुरूप है।
विपक्ष के नेता ने केंद्र सरकार से यह मांग भी की कि वह कर्नाटक सरकार को निर्देश दे कि एससीएसपी/टीएसपी कोष का इस्तेमाल ऐसे कामों के लिए तुरंत बंद किया जाए जिनसे अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों को सीधे तौर पर कोई लाभ नहीं मिलता है।
भाषा
राजकुमार अमित
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