आरएसएस ने रांची कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले का आरोप लगाया, एसआईटी गठित

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आरएसएस ने रांची कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले का आरोप लगाया, एसआईटी गठित

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 01:37 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 01:37 PM IST

रांची, 17 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को आरोप लगाया कि रांची स्थित उसके कार्यालय पर मंगलवार देर रात पेट्रोल बम फेंके गए जिसके बाद पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।

आरएसएस के पदाधिकारियों के अनुसार, घटना चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित संगठन के कार्यालय में रात करीब साढ़े 12 बजे हुई।

रांची में आरएसएस के मीडिया समन्वय प्रमुख स्निग्ध रंजन ने आरोप लगाया कि परिसर में पेट्रोल बम फेंके गए।

हालांकि, पुलिस ने कहा कि इस्तेमाल की गई वस्तुओं के बारे में सटीक जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही पता चल सकेगी।

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘घटनास्थल से कांच की दो बोतलों के टुकड़े बरामद हुए हैं। बोतलों में मौजूद पदार्थ का पता लगाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या बोतलों में पेट्रोल था, उन्होंने कहा कि फोरेंसिक जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने इस घटना को राज्य की राजधानी में शांति भंग करने के उद्देश्य से रची गई ‘‘गंभीर साजिश’’ करार दिया।

सेठ ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘पेट्रोल बम फेंकने का उद्देश्य क्या था? इसका मकसद आग लगाना था क्योंकि पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि रांची में अशांति फैलाने की साजिश रची गई।’’

रांची सिटी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के. वी. रमन ने कहा कि जांचकर्ताओं ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इन सुरागों पर काम कर रहे हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि संदिग्धों ने एक निजी टैक्सी संभवतः किराए पर ली थी और घटना में दो लोग शामिल थे। हम जानकारी के अन्य स्रोतों की भी पड़ताल कर रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।

रमन ने कहा, ‘‘जांच के तहत एफएसएल की टीम और श्वान दस्ते को भी बुलाया गया है।’’

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया।

मरांडी ने कहा, ‘‘मैंने रांची के पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बात कर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने तथा उन्हें गिरफ्तार किए जाने का आग्रह किया है। मैंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आरएसएस कार्यालय के पास एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की भी मांग की है।’’

पुलिस ने कहा कि घटना की सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा