नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने बुधवार को बताया कि केंद्र ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति और जल संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड, त्रिपुरा और कर्नाटक की सरकारों के साथ अलग-अलग समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
‘एक्स’ पर कई पोस्ट में मंत्री ने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय और तीनों राज्य सरकारों के बीच समझौते हुए हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समझौता प्रक्रिया में शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना भी बैठकों में उपस्थित थे। पाटिल ने कहा कि इन समझौता ज्ञापनों का उद्देश्य जल स्रोतों की स्थिरता, कुशल संचालन एवं रखरखाव, जल गुणवत्ता प्रबंधन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करना है।
उत्तराखंड के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी’ (एसएआरए) के माध्यम से झरनों और नदियों के पुनरुद्धार को प्राथमिकता दी है।
पिछले वर्ष 6,500 से अधिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया गया, जबकि लगभग 1,000 गांवों में तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है।
भाषा संतोष नरेश
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