चमोली सुरंग हादसा : चौथे दिन भी दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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चमोली सुरंग हादसा : चौथे दिन भी दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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  • Publish Date - August 16, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 07:40 PM IST

गोपेश्वर, 16 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के चमोली जिले में सुरंग हादसे के चौथे दिन रविवार को भी दो लापता श्रमिकों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा। हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

राज्य के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को गोपेश्वर में आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया।

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें 13 अगस्त को हुए सुरंग हादसे के बाद से लापता श्रमिकों की तलाश में सघन अभियान चला रही हैं।

उन्होंने बताया कि सुरंग के भीतर अभी भी पानी भरा हुआ है। जलस्तर कम करने के लिए पंपों की मदद से लगातार पानी बाहर निकाला जा रहा है, ताकि बचाव दल प्रभावित हिस्सों तक पहुंच सकें। इसके साथ ही सुरंग के भीतर फंसी मशीनों और भारी अवरोधों को हटाने का काम भी जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि मलबा और अवरोध हटाने के लिए आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की मदद ली जा रही है। बचाव दल मलबे के बीच मौजूद छोटी से छोटी जगह और सभी संभावित हिस्सों की बारीकी से जांच कर रहे हैं तथा लापता श्रमिकों की तलाश में किसी भी संभावित स्थान को नहीं छोड़ा जा रहा है।

पीपलकोटी में बन रही टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की सुरंग में बृहस्पतिवार शाम भूस्खलन के बाद मलबा और पानी भर गया था। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो श्रमिक अभी लापता हैं। हादसे में घायल 12 अन्य श्रमिकों को सुरंग से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, लापता श्रमिकों में झारखंड निवासी लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ निवासी चेतन पोयाम शामिल हैं।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, रविवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने गोपेश्वर में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत सुरंग हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों को श्रद्धांजलि देने और दो मिनट का मौन रखने के साथ हुई।

मंत्री ने राहत एवं बचाव अभियान की प्रगति की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया।

भाषा

सं, दीप्ति रवि कांत