गुवाहाटी, 17 अगस्त (भाषा) असमिया फिल्मकार महर्षि तुहिन कश्यप को इटली के पिस्टिची, बेसिलिकाटा में आयोजित 27वें लुकानिया फिल्म महोत्सव में उनकी फिल्म ‘कॉक कॉक कूकूक’ के लिए ‘सीक्रेट प्रोग्राम फेलिनी’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह पुरस्कार प्रसिद्ध फिल्मकार फेडेरिको फेलिनी के सम्मान में दिया जाता है और विश्व सिनेमा में उनके असाधारण योगदान तथा फिल्मकारों की कई पीढ़ियों पर उनके स्थायी प्रभाव को श्रद्धांजलि स्वरूप प्रदान किया जाता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रशंसित ईरानी फिल्मकार मोहसिन मखमलबाफ ने कश्यप की फिल्म को ‘सीक्रेट प्रोग्राम फेलिनी’ पुरस्कार प्रदान किया। इसे कश्यप के उभरते अंतरराष्ट्रीय फिल्मी करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
‘कॉक कॉक कूकूक’ का लुकानिया फिल्म महोत्सव में यूरोपीय प्रीमियर हुआ। फिल्म की अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव यात्रा की शुरुआत बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इसके विश्व प्रीमियर के साथ हुई थी।
इसके बाद फिल्म ने केरल के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफके) और ढाका अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव समेत कई महोत्सवों में शिरकत की और अब यूरोपीय प्रीमियर के लिए इटली पहुंची।
सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) में कश्यप की स्नातक फिल्म के रूप में बनी ‘कॉक कॉक कूकूक’ ने फिल्म स्कूल की परियोजना से अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में पहचान बनाने तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है।
असमिया भाषा की यह फिल्म प्रवासी मुर्गी विक्रेता सिकेन की कहानी है, जिसे अपनी आरएक्स100 मोटरसाइकिल से बेहद लगाव है। जब उसकी प्यारी मोटरसाइकिल खो जाती है तो वह गहरे दुख में डूब जाता है। अपनी बाइक के गायब होने और झूठे पुलिस मामले में फंसाए जाने के डर के बीच अंततः वह खुद मोटरसाइकिल में तब्दील हो जाता है।
यह फिल्म असम और भारत की समकालीन राजनीति तथा प्रवासियों की दुर्दशा को जादुई यथार्थवाद के नजरिये से प्रस्तुत करती है।
कश्यप ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारी फिल्म ‘कॉक कॉक कूकूक’ का महान फिल्मकार मोहसिन मखमलबाफ द्वारा चयन किया जाना और उनसे पुरस्कार प्राप्त करना किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। उनकी फिल्मों ने मुझे हमेशा गहराई से प्रभावित और प्रेरित किया है।’’
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