नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) नयी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल को अब ‘ग्लोबल हेरिटेज सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा और इसमें एक संग्रहालय के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों के लिए स्थान बनाए जाएंगे। इस दौरान इसकी विरासत पहचान को भी संरक्षित रखा जाएगा।
दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के बीच रविवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एक बयान के मुताबिक, इस परियोजना में ऐतिहासिक चांदनी चौक और शाहजहानाबाद क्षेत्र में करीब 12,180 वर्ग मीटर में फैले टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और पार्क को शामिल किया गया है।
वर्ष 1860 से 1866 के बीच निर्मित यह परिसर लंबे समय तक नगर निकाय का मुख्यालय रहा। वर्ष 2010 में नगर निगम का मुख्यालय डॉ. एसपी मुखर्जी सिविक सेंटर स्थानांतरित होने के बाद से परिसर का एक बड़ा हिस्सा लगभग खाली पड़ा हुआ है।
बयान के अनुसार, समझौता ज्ञापन के तहत टाउन हॉल का स्वामित्व एमसीडी के पास ही रहेगा, जबकि विरासत संरचनाओं का संरक्षण किया जाएगा और उन्हें पर्यटन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि परियोजना में ऐतिहासिक इमारत के मूल विरासत स्वरूप और वास्तुशिल्पीय विशेषताओं को बरकरार रखते हुए उसके पुन: इस्तेमाल की योजना बनाई गई है।
इसमें बताया गया है कि प्रस्तावित ‘ग्लोबल हेरिटेज सेंटर’ में एक संग्रहालय और सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी।
बयान के मुताबिक, चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित यह परिसर घरेलू व विदेशी पर्यटकों को एक ही स्थान पर दिल्ली के इतिहास, विरासत एवं संस्कृति को अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा।
बयान में बताया गया है कि पर्यटन विभाग को पुनर्विकास के लिए सर्वेक्षण करने, संरचनात्मक मूल्यांकन कराने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
बयान के अनुसार, डीटीटीडीसी और एमसीडी के प्रतिनिधियों वाला एक संयुक्त कार्य समूह परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करेगा।
बयान में बताया गया है कि समझौता ज्ञापन की शुरुआती अवधि 30 साल है और आपसी सहमति से इसे 30 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और पार्क को ‘ग्लोबल हेरिटेज’ सेंटर के रूप में विकसित करने से क्षेत्र में विरासत पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि विरासत को संरक्षित रखते हुए ऐतिहासिक स्मारकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक व उपयोगी बनाया जाए।’’
एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
भाषा जितेंद्र पारुल
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