देहरादून, छह जुलाई (भाषा) उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने का असर चारधाम यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है जहां लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण चारधाम एवं हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले पांच दिनों के दौरान करीब 30 प्रतिशत की गिरावट आयी है।
सबसे अधिक असर केदारनाथ धाम में देखने को मिला, जहां बारिश शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 65 प्रतिशत तक घट गई। राज्य के सभी हिस्सों में एक जुलाई को मानसून सक्रिय हुआ था ।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक जुलाई को चारधाम और हेमकुंड साहिब में कुल 27,232 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। यह संख्या पांच जुलाई को घटकर 19,202 रह गई।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही यात्रियों की आमद में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
उनके अनुसार सबसे अधिक गिरावट केदारनाथ धाम में दर्ज की गई, एक जुलाई को जहां 6,553 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे, वहीं पांच जुलाई को यह संख्या घटकर मात्र 2,297 रह गई, यानी पांच दिनों में करीब 65 प्रतिशत की कमी आई।
अधिकारी के अनुसार, कठिन पैदल मार्ग और मानसून के दौरान भूस्खलन एवं खराब मौसम की आशंका के चलते केदारनाथ यात्रा पर सर्वाधिक असर पड़ना स्वाभाविक माना जाता है ।
बदरीनाथ धाम में भी यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। एक जुलाई को 13,192 श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए थे, जबकि पांच जुलाई को यह संख्या घटकर 9484 रह गई, जो लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है।
मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किए जाने के बाद यात्रा पर इसका असर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, मानसून के कारण आई इस गिरावट के बावजूद इस वर्ष की चारधाम यात्रा अब तक नया रिकॉर्ड बना चुकी है। उन्नीस अप्रैल को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक केवल ढाई माह में ही बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 41.56 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा, हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुले थे जहां अब तक 1.76 लाख श्रद्धालु आ चुके हैं ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा विकसित आधारभूत संरचना, बेहतर सड़क संपर्क, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का परिणाम है ।
भाषा दीप्ति राजकुमार
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