अमरावती (आंध्र प्रदेश), छह जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश पुलिस ने सात महीने पहले अपलोड किए गए एक कथित भड़काऊ वीडियो के मामले में यूट्यूबर बचलाकुरी जोसेफ के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की कड़ी धाराएं लगाई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कृष्णा जिले की गन्नावरम पुलिस ने चार जुलाई को नक्कापल्ली जिले के वेम्पाडु टोल प्लाजा से जोसेफ को गिरफ्तार किया। उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारी ने बताया, ‘‘अनकापल्ली पुलिस की मदद से हमने उसे यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया।’’
सोमवार सुबह गन्नावरम पुलिस ने जोसेफ को नेल्लोर केंद्रीय जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, खुद को ‘प्रश्न रावण’ के नाम से बुलाने वाले जोसेफ द्वारा 25 नवंबर 2025 को पोस्ट किया गया वीडियो बेहद भड़काऊ था और उसमें कथित तौर पर ‘‘माओवादियों जैसे प्रतिबंधित संगठनों का समर्थन और उन्हें प्रोत्साहित किया गया था।’’
पुलिस का आरोप है कि वीडियो में जोसेफ ने मुठभेड़ में मारे गए माओवादी नेताओं हिडमा, केशव राव और अन्य की तस्वीरें भी शामिल की थीं।
जोसेफ को पहले भी कई मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है और अधिकांश मामलों में उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि, गन्नावरम पुलिस द्वारा दर्ज यूएपीए के मामले में उसे 18 जुलाई तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
जोसेफ की कानूनी बाधाएं जून के अंतिम सप्ताह में एलुरु में आयोजित एक दलित ईसाई सम्मेलन में दिए गए भाषण के बाद शुरू हुईं। इस भाषण में उन्होंने राज्य में दलितों पर अत्याचार के मामलों में कथित निष्क्रियता को लेकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं की आलोचना की थी।
उन्होंने राधा मनोहर दास नामक एक संत की भी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि वह इस्लाम और ईसाई धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं।
इस बीच, आंध्र प्रदेश मानवाधिकार मंच (एचआरएफ) की राज्य समिति ने कहा कि जोसेफ के खिलाफ यूएपीए की धारा 13 और 39 के तहत मामला दर्ज किया जाना इस बात का उदाहरण है कि पुलिस विभाग सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को खुश करने के लिए किस हद तक गिर गया है।
भाषा गोला सुरेश
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