तमिलनाडु, पुडुचेरी में बंद के ऐलान से 31 जुलाई से प्रभावित हो सकती है चिकन आपूर्ति

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तमिलनाडु, पुडुचेरी में बंद के ऐलान से 31 जुलाई से प्रभावित हो सकती है चिकन आपूर्ति

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 09:50 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 09:50 PM IST

तंजावुर (तमिलनाडु), 27 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु और पुडुचेरी में 31 जुलाई से चिकन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है क्योंकि पोल्ट्री व्यापारियों के संघ ने पोल्ट्री उत्पादकों द्वारा अपनाई जा रही दाना खिलाने की व्यवस्था के विरोध में राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में ‘ब्रॉयलर’ चिकन की बिक्री अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की है।

‘तमिलनाडु पोल्ट्री ट्रेडर्स फेडरेशन’ ने सोमवार को यहां आयोजित आपातकालीन परामर्श बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया।

फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष दुरईराज ने पत्रकारों से कहा कि पोल्ट्री उत्पादकों ने दाना नियंत्रण संबंधी नियम लागू करने से इनकार कर दिया, जिससे ग्राहकों और विक्रेताओं दोनों को भारी आर्थिक नुकसान तथा स्वच्छता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों की मुख्य शिकायत है कि पोल्ट्री उत्पादक बाजार भेजे जाने तक मुर्गियों को लगातार चारा खिलाते रहते हैं ताकि उनका वजन कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा सके। उनका दावा है कि खरीद के समय मुर्गियों के पेट में 100 से 200 ग्राम तक अधपचा दाना और पानी मौजूद रहता है।

दुरईराज ने आरोप लगाया, ‘‘जब चिकन को काटकर साफ किया जाता है तो यह अधपचा दाना और अपशिष्ट बाहर निकलकर मांस को दूषित कर देता है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं से इस अधपचे दाने के वजन के लिए भी मांस के बराबर कीमत वसूली जा रही है।

फेडरेशन ने मांग की कि मुर्गियों को बिक्री के लिए भेजने से कम से कम 15 घंटे पहले उन्हें दाना देना बंद किया जाए। इसके साथ ही व्यापारियों ने राज्य सरकार और पशुपालन विभाग से पोल्ट्री पालन और दाना व्यवस्था की प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है।

हड़ताल के कारण अनुमानित तौर पर 60,000 से एक लाख खुदरा पोल्ट्री दुकानें बंद रह सकती हैं। इस विरोध प्रदर्शन को पड़ोसी राज्य केरल के संबद्ध व्यापारिक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल