जम्मू, नौ जुलाई (भाषा) सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी एवं पुंछ जिलों में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारियों तथा सैनिकों की युद्ध तत्परता की समीक्षा की।
सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद जनरल सेठ की पुंछ के अग्रिम क्षेत्रों की पहली यात्रा है। उनकी यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये गए हैं।
अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के अग्रिम इलाकों का दौरा किया। उन्होंने नियंत्रण रेखा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति और व्हाइट नाइट कोर की आतंकवाद निरोधक व्यवस्था की समीक्षा की।”
एडीजीपीआई के अनुसार सेनाध्यक्ष को बदलते सुरक्षा माहौल, सैन्य तैनाती, निगरानी व्यवस्था, क्षेत्र में किए गए नए नवाचारों और समन्वित परिचालन तैयारियों की जानकारी दी गई।
एडीजीपीआई के मुताबिक जनरल सेठ ने मौजूदा बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं और भारत के सीमावर्ती अग्रिम गांवों के लोगों को जन-केंद्रित पहलों के जरिए सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का का मूल्यांकन भी किया।
सेनाध्यक्ष ने पुंछ ब्रिगेड मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की। वहां उन्हें सैनिकों की तैनाती, मौजूदा सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की जानकारी दी गई।
इससे पहले सेनाध्यक्ष ने नगरोटा में ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ मुख्यालय का दौरा किया, जहां वरिष्ठ कमांडरों ने उन्हें जम्मू क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और उसकी टुकड़ियों की अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
सेनाध्यक्ष ने पुंछ ब्रिगेड मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की, जहां उन्हें सैनिकों की तैनाती, मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य और अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई।
शीर्ष अधिकारियों ने सेनाध्यक्ष को समग्र सुरक्षा स्थिति और उभरती चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सैनिकों की तैयारियों के बारे में अवगत कराया।
जनरल सेठ मंगलवार से जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। इस दौरे पर उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की तथा कश्मीर में सुरक्षा की समग्र स्थिति के बारे में समीक्षा की।
भाषा जोहेब राजकुमार
राजकुमार