प्रधानमंत्री की रैली से पहले तृणमूल व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; मंत्री के घर पर पथराव

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प्रधानमंत्री की रैली से पहले तृणमूल व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; मंत्री के घर पर पथराव

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  • Publish Date - March 14, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - March 14, 2026 / 04:46 PM IST

कोलकाता, 14 मार्च (भाषा) मध्य कोलकाता में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से करीब आधा घंटा पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक पुलिस अधिकारी और भाजपा के एक नेता घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

झड़प के बीच, यह आरोप भी सामने आया कि गिरीश पार्क इलाके में पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा के आवास पर पथराव किया गया।

यह झड़प रैली स्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर उस समय हुई जब भाजपा समर्थक प्रधानमंत्री की रैली में शामिल होने के लिए ब्रिगेड परेड मैदान की ओर जा रहे थे। यह रैली विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ के समापन का प्रतीक है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के समर्थकों ने कथित तौर पर एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और नारे लगाए, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास में बोबाजार पुलिस थाना प्रभारी बप्पादित्य नस्कर भी घायल हो गए।

भाजपा ने दावा किया कि झड़प के दौरान उत्तरी कोलकाता जिला अध्यक्ष तमघनो घोष और कई पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए।

पार्टी नेताओं ने बताया कि घोष को अस्पताल ले जाया गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि रैली स्थल की ओर जाते समय उनके समर्थकों पर हमला किया गया।

भाजपा के एक कार्यकर्ता ने एक बांग्ला समाचार चैनल को बताया, ‘‘बिना किसी उकसावे के हम पर पत्थर फेंके गए। हमें गालियां भी दी गईं।’’

पार्टी ने आरोप लगाया कि झड़प में रैली में समर्थकों को ले जा रही बसों सहित कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

हालांकि, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि ब्रिगेड रैली में जाते समय भाजपा समर्थकों ने पांजा के आवास पर हमला किया था।

पांजा ने दावा किया कि भाजपा समर्थकों ने उनके आवास को निशाना बनाया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।

मंत्री ने आरोप लगाया, ‘भाजपा के गुंडों ने हमला किया। रैली में जा रही बसों में ईंटें, कांच की बोतलें और बम ले जाए जा रहे थे। उन्होंने गिरीश पार्क मुख्य सड़क पर स्थित मेरे घर पर हमला किया।’

उन्होंने दावा किया कि समस्या तब शुरू हुई जब भाजपा के समर्थकों ने इलाके में लगाए गए ‘भाजपा का बहिष्कार करो’ पोस्टर को फाड़ दिया।

पांजा के अनुसार, जब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दोबारा पोस्टर लगाने की कोशिश की, तो भाजपा समर्थक बसों से उतर आए और कथित तौर पर उन पर हमला किया, जिसके बाद उनके घर की ओर पत्थर फेंके गए।

इन आरोपों को खारिज करते हुए, भाजपा नेताओं ने दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनकी बसों पर उस समय पथराव किया जब वे उस क्षेत्र से गुजर रहे थे।

कुछ भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्थिति बिगड़ने पर पुलिस शुरू में निष्क्रिय रही।

बाद में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और झड़प करने वाले समूहों को तितर-बितर करके स्थिति को नियंत्रण में किया।

इलाके में तनाव बढ़ने के बाद कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

ये झड़प ब्रिगेड परेड मैदान में मोदी की रैली से ठीक पहले हुई।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि झड़पें राज्य में तीव्र राजनीतिक ध्रुवीकरण को रेखांकित करती हैं, क्योंकि भाजपा और टीएमसी दोनों ही चुनाव से पहले अपने आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश