पणजी, 27 जून (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री सुरक्षा, खोज और बचाव अभियानों तथा तटीय निगरानी को मजबूत करने के लिए शनिवार को ‘आईसीजीएस अक्षय’ को बेड़े में शामिल किया। यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित एक नई पीढ़ी का तेज गश्ती पोत है।
इस स्वदेशी पोत को वास्को स्थित ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ में आयोजित एक समारोह में वरिष्ठ तटरक्षा अधिकारियों और सरकार के गणमान्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया।
‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ द्वारा डिजाइन और निर्मित इस पोत का निर्माण केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत किया गया है, जो देश की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करता है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘अक्षय’ नामक इस पोत का अर्थ ‘अविनाशी’ है। यह भारतीय तटरक्षक बल की देश के समुद्री हितों की रक्षा करने तथा समुद्र को सुरक्षित, संरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
बयान के अनुसार, यह तेज गश्ती पोत समुद्री कानूनों के प्रवर्तन, तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियान, समुद्री पर्यावरण संरक्षण तथा संकट में फंसे नाविकों की सहायता सहित कई प्रकार के अभियानों का संचालन करेगा।
इस पोत की कमान कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) दीपक चौबे संभालेंगे।
बयान में कहा गया कि आईसीजीएस अक्षय को सेवा में शामिल किया जाना तटरक्षक बल के जारी बेड़े के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के विस्तृत तटीय क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत करना है।
भाषा तान्या दिलीप
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