नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) उत्तर भारत में मंगलवार को कड़ाके की ठंड का प्रकोप देखने को मिला जहां पहाड़ी राज्यों में हिमपात के साथ राजधानी दिल्ली समेत कई इलाकों में तापमान गिर गया। राजधानी दिल्ली में इस साल का पहला ‘शीत दिवस’ दर्ज किया गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश या हिमपात का अनुमान जताया है।
आईएमडी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्तिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस के बीच और उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में कई जगहों पर पांच से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
हिमाचल प्रदेश में शीतलहर से कोई राहत नहीं मिली और मंगलवार को कई स्थानों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब बना रहा जबकि ताबो में न्यूनतम तापमान शून्य से 10.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो सबसे कम तापमान था। मौसम विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ताबो में रविवार को न्यूनतम तापमान के शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही साल की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई थी तथा सोमवार रात न्यूनतम तापमान और भी कम हो गया, जो शून्य से 10.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में पहाड़ियों में कई जगहों पर पाइपलाइन में पानी जम गया, जिससे पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। ऊंचाई वाले आदिवासी और अन्य क्षेत्रों में आर्कटिक जैसी स्थिति देखी गई, जहां पारा हिमांक बिंदु से 12 से 18 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
कुकुमसेरी, कल्पा और नारकंडा में न्यूनतम तापमान क्रमशः शून्य से 7.1 डिग्री सेल्सियस नीचे, शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 2.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। जबकि रेकोंगपेओ, कुफरी, सोलन और सेओबाग में क्रमशः तापमान शून्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस नीचे, शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे, शून्य से 0.1 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्रशासन ने खराब मौसम की आशंका को देखते हुए जिले में 3,000 मीटर से अकिधिक ऊंचाई पर होने वाली सभी ट्रेकिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
आईएमडी ने कहा कि राजधानी दिल्ली में बुधवार को भी ‘शीत दिवस’ की स्थिति के बने रहने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 13 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
आईएमडी के अनुसार, शीत दिवस तब घोषित किया जाता है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहता है।
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से 3.3 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक है।
इस बीच, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्रशासन ने बिगड़ते मौसम की आशंका को देखते हुए जिले में 3,000 मीटर से ऊपर की सभी ‘ट्रेकिंग’ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में सोमवार रात बारामूला जिले का गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सोमवार रात कश्मीर के ऊंचे इलाकों, जिनमें मुगल रोड और गांदरबल के ऊपरी क्षेत्र शामिल हैं, में हल्की बर्फबारी हुई।
उन्होंने बताया कि कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान में पिछली रात गिरावट आई, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के तापमान (शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम) से थोड़ा कम है।
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में कंपकंपाने वाली ठंड पड़ रही है, क्योंकि राज्य के कई इलाकों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया है, और चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया।
भीषण ठंड और घने कोहरे के चलते प्रशासन ने जयपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और सीकर समेत एक दर्जन से अधिक जिलों के स्कूलों, विशेषकर प्राथमिक कक्षाओं के लिए, शीतकालीन अवकाश बढ़ा दिया है।
जयपुर में इस मौसम में पहली बार घना कोहरा छाया रहा। बीकानेर, कोटा और उदयपुर मंडलों के कई इलाकों में भी घना कोहरा छाया रहा। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जलाते नजर आए, वहीं प्रशासन ने शहरों में कई जगहों पर रात्रि आश्रय स्थल स्थापित किए हैं।
झारखंड में 10 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया जिसके बाद शीत लहर की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने बताया कि जिन जिलों के लिए ‘येलो’ चेतावनी जारी की गई है उनमें गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा शामिल हैं। प्रशासन ने कहा कि इन जिलों में सात जनवरी तक शीत लहर की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे कम तापमान गुमला में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, उसके बाद खूंटी में 3.7 डिग्री सेल्सियस और लोहरदगा में 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आईएमडी ने बताया कि कोलकाता में जनवरी का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जहां पारा गिरकर 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि अगले दो दिनों में दक्षिणी पश्चिम बंगाल में ठंड और बढ़ सकती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में जनवरी में कोलकाता का न्यूनतम तापमान केवल एक बार 11 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरा था, जो 2023 में 10.9 डिग्री सेल्सियस था।
आईएमडी ने बताया कि उत्तरी पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में विशेष रूप से सुबह के समय, घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो जाएगी। दक्षिण दिनाजपुर, उत्तर दिनाजपुर और मालदा के कुछ हिस्सों में ‘शीत दिवस’ की स्थितियों के बरकरार रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों (विशेषकर बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त व्यक्तियों) को क्षेत्र में बढ़ती ठंड के मद्देनजर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
भाषा संतोष वैभव
वैभव