बदरीनाथ में श्रद्धालुओं के चढ़ावे, दान के प्रबंधन मे हेराफेरी के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित

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बदरीनाथ में श्रद्धालुओं के चढ़ावे, दान के प्रबंधन मे हेराफेरी के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 03:38 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 03:38 PM IST

देहरादून, पांच जुलाई (भाषा) बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि समिति ने सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों का संज्ञान लिया है।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने रविवार को बताया कि समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए समिति का गठन किया है और उसे सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि गठित जांच समिति सीसीटीवी फुटेज, संबंधित व्यक्तियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच करेगी।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों के बाद अब बदरीनाथ मंदिर में सामने आए इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ धाम से जुड़े आरोपों को गंभीर बताते हुए पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर निशाना साधा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

गोदियाल ने कहा कि राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से सनातनी धर्मावलंबी आहत हुए हैं और इस मामले में राज्य सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

गोदियाल ने शनिवार को बागेश्वर के बागनाथ मंदिर परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ राम मंदिर और बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के विरोध में मौन भी रखा था।

इससे पहले शुक्रवार को बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर उनके ‘निजी सचिव’ के रूप में प्रचारित किए जा रहे कर्मचारी को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी और कहा था कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है।

उन्होंने कहा था कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रांगड़ ने कहा कि दो जुलाई को बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान के प्रबंधन में अनियमितताओं के सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों का संज्ञान लिया गया और मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, लेकिन उपलब्ध फुटेज पूरी तरह से स्पष्ट नहीं था।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल बीकेटीसी अध्यक्ष को अवगत कराया गया।

रांगड़ ने बताया कि इसके अलावा, संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

रांगड़ ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरूद्ध श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 तथा कर्मचारी आचरण नियमों के तहत सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने श्रद्धालुओं और आमजन से अपील की कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट अथवा भ्रामक सूचनाओं का प्रसार न करें, क्योंकि यह मामला देश के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थस्थलों में से एक तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।

भाषा दीप्ति शफीक

शफीक