त्रिशूर (केरल), 22 मार्च (भाषा) केरल विधानसभा चुनाव में गुरुवायूर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार बी गोपालकृष्णन द्वारा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने गोपालकृष्णन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग से संपर्क किया है।
कांग्रेस से संबद्ध छात्र संगठन ‘केरल स्टूडेंट्स यूनियन’ (केएसयू) ने भी गुरुवायूर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बी गोपालकृष्णन की कथित सांप्रदायिक टिप्पणी के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय का रुख किया है।
यह विवाद एक चुनाव प्रचार वीडियो से संबंधित है जिसमें गोपालकृष्णन कथित तौर पर यह कह रहे हैं कि इस निर्वाचन क्षेत्र ने करीब पांच दशक से किसी हिंदू विधायक को नहीं चुना है और वाम मोर्चे एवं कांग्रेस नीत मोर्चे- दोनों ने ही इस समुदाय से उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।
गोपालकृष्णन ने कथित वीडियो में कहा कि गुरुवायूर एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थ केंद्र है और ‘‘भगवान गुरुवायूरप्पन की भूमि’’ पिछले पांच दशक से ‘‘मंदिर चोरों’’ के हाथ में है।
उन्होंने वीडियो में कथित तौर पर कहा, ‘‘अब तक गुरुवायूर में कोई हिंदू विधायक क्यों नहीं है?’’
नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने उनकी कथित टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें इस पर कोई हैरानी नहीं हुई, क्योंकि भाजपा के नेता हमेशा धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश करके वोट हासिल करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि केरल सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता है और यही वजह है कि मुस्लिम बहुल पोनानी जैसे निर्वाचन क्षेत्रों से हिंदू समुदाय के विधायक चुने गए जबकि गुरुवायूर जैसे क्षेत्रों ने कई बार मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों को विधायक के रूप में चुना।
उन्होंने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, ‘‘उनके खिलाफ निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। हमने इस संबंध में पहले ही शिकायत दर्ज करा दी है।’’
माकपा के त्रिशूर जिला सचिव अब्दुल खादेर ने भी आरोप लगाया कि गोपालकृष्णन की टिप्पणियों का उद्देश्य लोगों के बीच विभाजन पैदा करना था। उन्होंने कहा कि गुरुवायूर मंदिर नगर के विकास में भाजपा की कोई भूमिका नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि कथित सांप्रदायिक टिप्पणियों के खिलाफ निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
खादेर ने कहा कि गुरुवायूर का विकास मुख्य रूप से धर्मनिरपेक्ष दलों ने किया है और उन्होंने भाजपा पर चुनाव से पहले विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री और त्रिशूर से सांसद सुरेश गोपी के योगदान पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्होंने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में गुरुवायूर मंदिर के विकास के लिए कौन-सी पहल की है।
केएसयू के त्रिशूर जिला इकाई अध्यक्ष गोकुल गुरुवायूर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि केरल उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर करके उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने समेत अन्य कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, जिला पुलिस प्रमुख, राज्य निर्वाचन प्राधिकारियों और गुरुवायूर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को शिकायतें सौंपी गई हैं। इनमें आरोप लगाया गया है कि ये टिप्पणियां मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से की गई थीं।
इन आरोपों पर भाजपा नेता ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष