नीट प्रश्नपत्र लीक की ‘साजिश’ का पर्दाफाश करने को न्यायालय की निगरानी में जांच हो: कांग्रेस

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नीट प्रश्नपत्र लीक की ‘साजिश’ का पर्दाफाश करने को न्यायालय की निगरानी में जांच हो: कांग्रेस

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 07:10 PM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 07:10 PM IST

जम्मू, 12 मई (भाषा) कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने नीट-यूजी 2026 के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में मंगलवार को जांच कराने की मांग की। पार्टी ने इसे 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित करने वाला एक ‘‘बेहद गंभीर मसला’’ करार दिया।

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि शीर्ष अदालत बार-बार हो रहे प्रश्नपत्र लीक के पीछे के कथित नेटवर्क को उजागर करे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकाल में खूब सक्रिय हो रहा है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को रद्द करने की घोषणा के बाद कांग्रेस की ओर से यह मांग की गई।

एजेंसी ने कहा कि पुनः परीक्षा की तारीख अलग से अधिसूचित की जाएगी। इसने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़े कथित आरोपों की व्यापक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगा।

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने आरोप लगाया कि बार-बार प्रश्नपत्र का लीक होना ‘‘नोट छापने की मशीन और मौजूदा सरकार का सबसे बड़ा घोटाला’’ बन चुका है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रश्नपत्र लीक होना भाजपा शासन पर एक बड़ा कलंक है। पिछले 10 वर्षों में ऐसी 89 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं और 48 बार पुनः परीक्षाएं करानी पड़ी हैं। परीक्षा में गड़बड़ी रोकने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है।’’

प्रभावित परीक्षार्थियों के प्रति सहानुभूति जताते हुए भल्ला ने कहा कि कथित उच्च स्तरीय सांठगांठ को बेनकाब करने और विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच जरूरी है।

भाषा

खारी संतोष

संतोष