गुवाहाटी, 25 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की एक दिन पहले गौरव गोगोई को निशाना बनाकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए बुधवार को कांग्रेस नेता ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित समिति के संबंध में मुख्यमंत्री की टिप्पणियों के ‘‘औचित्य’’ पर सवाल उठाया।
शर्मा ने मंगलवार को तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को फिलीपीन पर संसदीय मैत्री समिति के बजाय ‘भारत-पाकिस्तान’ समूह में शामिल किया जाना चाहिए था। माना जा रहा कि यह टिप्पणी उन्होंने विपक्षी नेता पर ‘पाकिस्तानी एजेंट’ होने के अपने आरोप के संदर्भ में की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया था, जिनमें विभिन्न विपक्षी सदस्य शामिल थे। निचले सदन में कांग्रेस के उपनेता और जोरहाट के सांसद गोगोई को फिलीपीन के समूह का प्रमुख बनाया गया।
पलटवार करते हुए गोगोई ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया, क्योंकि उन्हें नियुक्त करने वाला पत्र बिरला ने जारी किया था, न कि शर्मा ने।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इस मामले में मुख्यमंत्री की क्या भूमिका है? उनकी टिप्पणियों का क्या महत्व है? जब लोकसभा अध्यक्ष सदन के भीतर किसी को जिम्मेदारी सौंपते हैं, तो शर्मा की टिप्पणियों की प्रासंगिकता मेरी समझ से परे है।’’
गोगोई ने कहा, ‘‘सदस्यों और एक अध्यक्ष के साथ समूह का गठन किया गया है। मुझे एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से औपचारिक रूप से इस जिम्मेदारी के बारे में सूचित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र सभी ने देखा है।’’
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा, गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ से संबंध होने का आरोप लगाते हुए उन पर हमले कर रहे हैं।
भाषा शफीक माधव
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