कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने अयोध्या में कथित गबन पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए

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कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने अयोध्या में कथित गबन पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 10:48 AM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 10:48 AM IST

त्रिशूर (केरल), 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को अयोध्या के राम मंदिर को मिले चंदे के कथित गबन को ‘‘भारत में किसी धार्मिक स्थल पर अब तक की सबसे बड़ी लूट’’ करार दिया और सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।

यहां गुरुवायूर मंदिर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को पूरे देश में उठा रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। इस लूट ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रभावित किया है। लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस मामले पर चुप हैं। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की एक एसआईटी गठित की गई है और इसके पीछे असली दोषियों को बचाने की मंशा है।’’

वेणुगोपाल ने दावा किया कि केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से ही इस कथित लूट के असली दोषियों का पता चल सकेगा।

उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे संघ परिवार के संगठनों ने पिछले 20-25 वर्षों से मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से चंदा एकत्र किया और अब उसी धन और सोने की लूट हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब मंदिर ट्रस्ट के उन पदाधिकारियों की जानकारी में हुआ, जिनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की निगरानी में की गई थी।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस ‘‘वास्तविक रूप से आस्तिक नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी दिलचस्पी केवल हिंदुओं के नाम पर लूट करने और वोटों के लिए लोगों को बांटने में है। यह सिर्फ लूट नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला है।’’

वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लिए यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत भाजपा और आरएसएस ने ‘‘अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भगवान का इस्तेमाल किया।’’

वेणुगोपाल ने यह सवाल भी उठाया कि भाजपा की केरल इकाई इस मुद्दे पर चुप क्यों है। उन्होंने दावा किया कि यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि वे असली दोषियों को बचाना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के संबंध में भी इसी तरह की लूट के आरोप सामने आ रहे हैं।

भाषा गोला रंजन

रंजन