Supreme Court On Ayodhya Ram Mandir Donation : राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, जानिए याचिकाकर्ताओं की मांग

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अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को अहम सुनवाई करेगा। याचिकाओं में CBI जांच, CAG ऑडिट, फॉरेंसिक ऑडिट और ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

  • Reported By: Apurva Pathak

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 12:07 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 12:14 PM IST

Supreme Court On Ayodhya Ram Mandir Donation

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर चंदा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
  • कई याचिकाओं में स्वतंत्र जांच की मांग।
  • पूरे देश की नजर 13 जुलाई की सुनवाई पर।

अयोध्या : Supreme Court On Ayodhya Ram Mandir Donation :  अयोध्या के राम मंदिर में कथित तौर पर चंदे की चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 13 जुलाई को सुनवाई करने के लिए तैयार है। अदालत इस दिन उन सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, जिनमें इस कथित चंदा चोरी की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। इस बेहद संवेदनशील मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय बेंच करेगी।

नरेंद्र कुमार गोस्वामी ,अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की पिटीशन

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy अदालत के सामने तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने अपनी याचिकाओं में इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का कैग ऑडिट कराने की मांग की है।नरेंद्र कुमार गोस्वामी की पिटीशन में कथित डोनेशन चोरी की CBI जांच की मांग करती है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के फाइनेंस का CAG ऑडिट भी मांगती है वहीँ अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की पिटीशन में आरोपों की CBI जांच की भी मांग करती है।

RJD MP सुधाकर सिंह की पिटीशन

Ram Mandir Chanda Chori वहीं, आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच और पूरे खजाने का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की अपील की गई है। इन याचिकाओं में मुख्य रूप से मांग की गई है कि ट्रस्ट के सभी कागजात, डिजिटल रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और बैंक स्टेटमेंट को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। साथ ही, जब तक एक विशेष कमेटी इस पूरे मामले की जांच पूरी नहीं कर लेती, तब तक ट्रस्ट के बड़े निवेश करने, बड़े कॉन्ट्रैक्ट देने या कोई भी महत्वपूर्ण आर्थिक फैसला लेने पर रोक लगाई जाए।

सुप्रीम कोर्ट के सामने इस चीज़ को पेश करने की मांग

याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि ट्रस्ट बनने के बाद से अब तक मिले सभी कैश, बैंक ट्रांसफर, विदेशी फंड और सोने-चांदी जैसी कीमती चीजों का पूरा हिसाब सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाए। इसके साथ ही, दानदाताओं की गुप्त जानकारी को सुरक्षित रखते हुए ऑडिट की पूरी रिपोर्ट ट्रस्ट की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी पब्लिश की जानी चाहिए। 13 जुलाई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

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