करूर भगदड़ पर मुख्यमंत्री विजय के रवैये को लेकर द्रमुक नेता सेंथिल बालाजी ने उठाए सवाल

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करूर भगदड़ पर मुख्यमंत्री विजय के रवैये को लेकर द्रमुक नेता सेंथिल बालाजी ने उठाए सवाल

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 11:33 AM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 11:33 AM IST

चेन्नई, 11 जुलाई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता वी. सेंथिल बालाजी ने करूर में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए पिछले साल 27 सितंबर को हुई भगदड़ की घटना से निपटने के टीवीके प्रमुख के तरीके पर सवाल उठाए।

बालाजी ने पूर्ववर्ती सरकार को पीड़ितों का ‘‘सच्चा मददगार’’ बताया और मौजूदा मुख्यमंत्री पर दुख की घड़ी में अपने ही समर्थकों को ‘‘बेसहारा छोड़ने’’ का आरोप लगाया।

द्रमुक नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पूछा, ‘‘पिछले साल 27 सितंबर को हुई उस दर्दनाक घटना के दौरान करूर के मेरे प्यारे लोगों को बचाने के लिए जमीन पर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कौन खड़ा था? मेरे करूर परिवार की मदद के लिए दिन-रात बिना सोए सबसे आगे रहकर किसने काम किया?’’

उन्होंने याद दिलाया कि भगदड़ की खबर मिलते ही तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन तुरंत करूर पहुंचे थे।

बालाजी ने दावा किया कि द्रमुक नेतृत्व ने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने के लिए चौबीसों घंटे काम किया और घायलों को दिए जा रहे उन्नत चिकित्सा उपचार की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। उनके अनुसार, इन प्रयासों से अनगिनत लोगों की जान बचाई गई।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग बेहोश हो रहे थे, तब विजय ने पानी की एक बोतल फेंकी, एम्बुलेंस बुलाने को कहा और बेरुखी से अपना भाषण जारी रखा।

उन्होंने कहा, ‘‘त्रिची हवाई अड्डे पर पत्रकारों द्वारा यह बताए जाने के बावजूद कि कई लोगों की जान जा चुकी है, पीड़ित लोगों से मिलने से किसने इनकार किया और इसके बजाय निजी विमान से वहां से निकल गया? करूर के लोग इसका जवाब बहुत अच्छी तरह जानते हैं।’’

मुख्यमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को करूर की अपनी पहली यात्रा के दौरान विजय ने भगदड़ की घटना से ‘‘राजनीतिक लाभ’’ उठाने की कोशिश करने को लेकर विपक्षी द्रमुक पर तीखा हमला बोला था।

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने द्रविड़ पार्टी पर उन्हें पश्चिमी तमिलनाडु के इस शहर का दौरा करने से रोकने का भी आरोप लगाया था।

भाषा गोला रंजन

रंजन